बिलासपुर । पानी की समस्या से त्रस्त तिफरा बस्ती की दर्जनों महिलाओं ने आज तिफरा मुख्यमार्ग में एकत्र होकर चक्काजाम कर दिया। अचानक चक्काजाम होने से बिलासपुर रायपुर मार्ग में भारी वाहनों की लंबी कतार लग गई। आंदोलन कर रही महिलाओं ने जिला प्रशासन और तिफरा नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते रहे। चक्काजाम की सूचना मिलते ही पुलिस के अधिकारी और जिला प्रशासन के अधिकारी वहां पहुंच गए और चक्काजाम करने वाली महिलाओं को समझाने में लगे रहे। महिलाओं ने अधिकारियों को बताया कि वार्ड क्रमांक 8 रहने वाले लोगों के घरों में टंकी का पानी विगत तीन माह से नहीं आ रहा है। यहां के बोर फेल हो चुके हैं। खाना बनाने के लिए पानी तक नसीब नहीं हो रहा है। महिलाओं ने बताया कि वे लोग अपनी समस्या लेकर कलेक्टर के पास पहुंचे थे और उन्हें ज्ञापन भी सौंपा था लेकिन उसके बाद भी पानी की समस्या का हल नहीं हुआ। तिफरा नगर पालिका के अधिकारी भी उनकी नहीं सुन रहे हैं। महिलाओं की बातें सुनने के बाद अधिकारियों ने पानी की उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। उसके बाद अक्रोशित महिलाओं ने चक्काजाम समाप्त किया। करीब पौन घंटे चले चक्कजाम के चलते बिलासपुर-रायपुर मार्ग में यातायात व्यवस्था बदहाल हो गई थी। कई किलोमीटर दूर तक भारी वाहनों की लंबी कतारें लग गई थी। पुलिस के जवानों ने करीब एक घंटे तक सडक़ पर खड़े होकर यातायात को सामान्य करने में जुटे रहे। तिफरा नगर पालिका कार्यालय के सामने मुख्यमार्ग पर आक्रोशित महिलाओं ने अचानक चक्काजाम करते हुए नारेबाजी करने लगे तभी कार्यालय में तैनात अधिकारी कर्मचारी डर के मारे कार्यालय छोडक़र चले गए। कर्मचारियों को डर था कि गांव की महिलाएं नगर पालिका में घुसकर मारपीट तोडफ़ोड न करे इसी के डर से सारे अधिकारी कर्मचारी कार्यालय छोडक़र दांय-बांय हो गए थे। जब पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने चक्काजाम समाप्त करवाया उसके बाद सारे कर्मचारी कार्यालय के अंदर उपस्थित हुए। चक्काजाम कर आंदोलन करने वाली महिलाओं ने बताया कि विगत तीन माह से वार्ड क्रं.8 के सैकड़ों घरों में पानी नहीं आ रहा है। इसकी शिकायत नगरपालिका अधिकारीसे की गई थी। लेकिन उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया गया। तिफरा नगर पालिका में पानी के टेंकर को ढोने वाले टै्रक्टर खराब पड़े हैं। सिर्फ चक्के नाम पर ट्रैक्टर पालिका कार्यालय में खड़े हैं। एक पार्षद ने बताया कि नगर पालिका के पास 24 हजार रूपए तक नहीं जिससे टै्रक्टर में चक्का लगवाया जा सके। नगर पालिका के इंजीनियर श्री साहू ने बताया कि वे 24 हजार अपने जेब से लगाकर ट्रैक्टर में एक चक्का लगवाए थे लेकिन उसके बाद ट्रैक्टर का दूसरा चक्का भी भष्ट हो गया जिसके चलते ट्रैक्टर खड़ा हुआ है।