भोपाल : मध्यप्रदेश वापस आये श्रमिकों को रोजगार सुनिश्चित कराने के लिये किये जा रहे सर्वे की तिथि बढ़ाकर 6 जून कर दी गई है। यह सर्वे 27 मई से प्रांरभ हुआ था, जिसकी अंतिम तिथि 3 जून निर्धारित की गई थी। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने अन्य राज्यों से वापस आये सभी श्रमिकों का सर्वे कर रोजगार सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं।

इस संबंध में श्रम विभाग द्वारा समस्त कलेक्टर्स को यह अभियान सुचारू रूप से चलाने की कार्ययोजना तैयार कर भेजी है। अभियानन्तर्गत श्रमिकों के सर्वे का कार्य ग्राम पंचायतों में सचिव, रोजगार सहायक तथा नगरीय क्षेत्रों में वार्ड प्रभारियों द्वारा एनआईसी से विकसित मोबाइल एप के माध्यम से किया जा रहा है।

प्रवासी श्रमिक जो मध्यप्रदेश के मूल निवासी हैं, किन्तु जिनका समग्र आईडी नहीं है, नियत प्रक्रिया अनुसार समग्र पोर्टल पर आईडी जनरेट की जाएगी। इसके बाद ही इन श्रमिकों का सर्वे, सत्यापन एवं पंजीयन कार्य पोर्टल पर समग्र आईडी का उल्लेख करते हुए सुनिश्चित किया जाएगा। निर्देशों के अनुसार पोर्टल पर समग्र आईडी तथा आधार कार्ड नंबर अंकित किया जाना अनिवार्य होगा। सर्वे, सत्यापन और पंजीयन उन्हीं श्रमिकों का किया जायेगा जो 'मुख्यमंत्री जन-कल्याण (संबल) योजना' अथवा 'भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल' में पंजीयन की पात्रता रखते हैं।

मनरेगा में काम और नि:शुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाएगा

संबल पोर्टल में प्रवासी श्रमिकों के पंजीयन के बाद उनको योजनाओं का लाभ दिया जायेगा। पंजीयन की जानकारी ग्रामीण विकास विभाग को भी उपलब्ध करायी जायेगी जिससे इच्छुक श्रमिकों को मनरेगा में काम दिया जा सके। साथ ही खाद्य विभाग द्वारा पात्र श्रमिकों को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना में नि:शुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराया जायेगा।

सभी जिला कलेक्टर्स को श्रमिकों का सर्वे सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ समय-सीमा में सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।