वृंदावन । योग गुरु बाबा रामदेव बुधवार को वृंदावन के वात्सल्य ग्राम पहुंचे। यहां उन्होंने संवाददाताओं से बातचीत में राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट से आने वाले फैसले पर कहा कि इसमें कोई दो राय नहीं है कि फैसला हिंदुओं के पक्ष में आएगा। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान हिंदू पक्षकारों ने मजबूती के साथ अपने साक्ष्य व तथ्यों को रखा। वहीं दूसरी ओर मुस्लिम पक्षकार कोई ठोस साक्ष्य या तथ्य रखने में असफल साबित हुए हैं।  उन्होंने कहा कि भगवान राम हमारे आराध्य और पूर्वज हैं, जल्द ही अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण भी होगा। कहा कि यह सभी जानते हैं कि अयोध्या में श्रीराम का जन्म हुआ था, बाबर का नहीं। यही बात हम हिंदुओं के पक्ष को मजबूत करती है। उन्होंने वात्सल्य ग्राम एवं परम शक्तिपीठ द्वारा संचालित सेवा प्रकल्पों की सराहना करते हुए कहा कि साध्वी ऋतंभरा के सानिध्य में जिस प्रकार से भारतीय संस्कृति एवं हिंदू सनातन धर्म परंपराओं के पोषण का कार्य किया जा रहा है वह वास्तव में अनुकरणीय है। साध्वी ऋतंभरा द्वारा माता-पिता व अपनों के स्नेह से वंचित अनाथ एवं घुमंतू जाति के बच्चों को मां यशोदा के रूप में मातृत्व प्रदान कर अविस्मरणीय कार्य किया है। उन्होंने कहा कि वात्सल्य के साथ चिकित्सा, शिक्षा, धर्म आदि से जुड़ी वात्सल्य ग्राम की सेवाएं अपने आप में सराहनीय हैं। साध्वी ऋतंभरा ने उनका स्वागत किया। इससे पहले बाबा रामदेव ने साध्वी ऋतंभरा दीदी मां के साथ आध्यात्मिक चर्चा की। वहीं वात्सल्य ग्राम में परम शक्तिपीठ द्वारा संचालित विभिन्न सेवा प्रकल्पों का अवलोकन किया। उन्होंने वात्सल्य ग्राम के गोकुलम एवं वैशिष्टयम में निवासरत बच्चों के साथ मुलाकात करते हुए उनसे सामान्य ज्ञान से जुड़े प्रश्न पूछे। साथ ही उन्हें योग विद्या व आसनों के बारे में भी जानकारी दी। इस अवसर पर वेद मंदिर के प्रमुख स्वामी स्वदेश आचार्य, कर्नल करन, सुमनलता, सीता आदि उपस्थित थे।