मेलबर्न | टीम इंडिया के पूर्व कप्तान और टेस्ट क्रिकेट में सबसे पहले 10,000 रनों का आंकड़ा छूने वाले सुनील गावस्कर का मानना है कि सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर खेले जाने वाले चार टेस्ट मैचों की बॉर्डर-गावस्कर सीरीज के तीसरे टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलियाई टीम दबाव में होगी। गावस्कर ने कहा कि ऑस्ट्रेलियाई टीम को इस तरह की हार की आदत नहीं है और सीरीज का पहला टेस्ट मैच जीतने के बाद वह ज्यादातर सीरीज जीत जाते हैं, ऐसे में टीम इंडिया की वापसी उनको परेशान कर सकती है।
भारत ने एडिलेड टेस्ट आठ विकेट से गंवाया था, जबकि मेलबर्न टेस्ट आठ विकेट से जीतकर सीरीज में 1-1 की बराबरी कर ली है। गावस्कर से पूछा गया कि क्या अब ऑस्ट्रेलियाई टीम पर दबाव होगा, उन्होंने कहा, 'निश्चित तौर पर। वे इस तरह की स्थिति के आदी नहीं हैं। जब भी वे पहला टेस्ट जीत लेते हैं, तब सीरीज जीत जाते हैं। कुछ पूर्व ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर 4-0 से जीत की बात कर रहे थे। अब आप जान गए हैं कि यह कैसी टीम है। यह ऐसी टीम नहीं है जो आपको खुद पर हावी होने का मौका देती है।'

गावस्कर ने 'इंडिया टुडे' से कहा, 'जिस तरह से वह (रहाणे) टीम की अगुवाई कर रहे थे उसके लिए उनकी जो तारीफ हो रही थी, उसको समझने के लिए आपको ऑस्ट्रेलियाई कमेंट्री बॉक्स के आसपास होना चाहिए और इनमें कुछ ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज भी शामिल थे जो कमेंट्री बॉक्स में थे।' उन्होंने कहा, 'इसलिए यह देखकर खुशी हुई कि वे लोग उनकी कप्तानी की तारीफ कर रहे हैं। इनमें रिकी पोंटिंग, एडम गिलक्रिस्ट, माइक हस्सी, शेन वॉर्न जैसे दिग्गज शामिल थे जो रहाणे की कप्तानी की तारीफ कर रहे थे।'
गावस्कर ने हालांकि साफ किया कि विराट कोहली टेस्ट कप्तान हैं और उनके पैटरनिटी लीव से लौटने के बाद उन्हें ही यह जिम्मेदारी संभालनी चाहिए। उन्होंने कहा, 'रहाणे कार्यवाहक कप्तान हैं। एक कार्यवाहक कप्तान या एक कार्यवाहक बल्लेबाज या नयी गेंद का गेंदबाज या ऑफ स्पिनर आप तब अपनी तरफ से बेस्ट प्रदर्शन करते हैं और जब मुख्य खिलाड़ी की वापसी होती है तो आपको उसके लिए जगह खाली करनी होती है।'