आईपीएल के इस 13 वें सत्र में शानदार प्रदर्शन करने वाले विकेटकीपर बल्लेबाज ऋद्धिमान साहा, तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या के करियर में फिटनेस सबसे बड़ी बाधा रही है। कोरोना महामारी के कारण हुए छह महीने के लॉकडॉउन से भी इन्हें फिट होने के लिए पर्याप्त समय मिल गया। 
विकेटकीपर बल्लेबाज ऋद्धिमान साहा खुशकिस्मत माने जाएंगे कि कंधे की सर्जरी के बाद लंबे समय तक टीम से बाहर रहने के बावजूद उन्हें वापसी का मौका मिला। इसके पीछे साहा की भरोसेमंद विकेटकीपिंग और टेस्ट के लिए बेहतर मानी जाने वाली बल्लेबाजी तो रही ही, इसमें बाएं हाथ के युवा बल्लेबाज और विकेटकीपर ऋषभ पंत द्वारा खुद को मिले मौकों को सही तरीके से भुना न पाना भी उतना ही जिम्मेदार रहा। अलबत्ता, फिटनेस और चोट की समस्या से जूझ रहे हर क्रिकेटर की टीम इंडिया में वापसी आसान नहीं होती। भारतीय टीम में हर पोजिशन के लिए मुकाबला कड़ा है, इसीलिए चोटिल होकर टीम से बाहर होने वाले खिलाड़ियों की जगह तब तक कोई और खुद की उपयोगिता साबित कर देता है। ऐसे में जब तक कोई क्रिकेटर फिट होकर वापसी के लिए तैयार होता है चयनकर्ताओं के सामने नए विकल्प सामने आ जाते हैं। अभी हाल में चोटों का शिकार हुए ऐसे कुछ शीर्ष क्रिकेटर इस प्रकार हैं।
हार्दिक पंड्या
ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या ने इस आईपीएल सत्र में अच्छा पदर्शन किया है। उन्हें भी पिछले साल भारत-साउथ अफ्रीका के बीच खेली गई टी20 सीरीज के दौरान पीठ दर्द की समस्या उभरी थी। हार्दिक को यह परेशानी सितंबर में एशिया कप के दौरान दुबई में हुई थी, जोकि फिर से सामने आई। चोट इतनी ज्यादा थी कि उन्हें इंग्लैंड जाकर सर्जरी करानी पड़ी। ऐसे में महीनों तक क्रिकेट मैदान से दूर रहने के बाद उनकी सफल वापसी हुई। कोरोना महामारी के दौरान हुए लॉकडॉउन में भी उन्हें उबरने का अवसर मिल गया। 
जसप्रीत बुमराह
भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण का सबसे घातक हथियार बन चुके जसप्रीत बुमराह भी 'स्ट्रेस फ्रैक्चर' के कारण टीम से बाहर रहे हैं। क्रिकेट के कई विशेषज्ञ बुमराह के यूनीक बोलिंग ऐक्शन को इसका एक कारण मानते हैं। जानकारों का कहना है कि अपने जिस ऐक्शन के चलते बुमराह दुनियाभर के बल्लेबाजों के लिए परेशानी खड़ी करते हैं, दरअसल वही उनकी बॉडी पर जरूरत से ज्यादा प्रेशर डालता है हालांकि आशीष नेहरा जैसे कुछ पूर्व तेज गेंदबाजों की नजर में बुमराह की चोट का ऐक्शन से कोई लेना-देना नहीं है, लेकिन इस बात को लेकर तो लगभग सभी एकमत हैं कि भारत के इस नंबर वन फास्ट बोलर का ऐक्शन उनके शरीर पर जरूरत से ज्यादा दबाव डालता है। वेस्ट इंडीज के पूर्व दिग्गज तेज गेंदबाज माइकल होल्डिंग ने भी सलाह दी है कि अगर बुमराह को अपने करियर को लंबा करना है तो उन्हें अपने गेंदबाजी ऐक्शन और रनअप में कुछ बदलाव करने होंगे।