• राजेंद्र राठौड़ ने ट्वीट किया कि विधानसभा चुनाव के दौरान 'अब होगा न्याय' का नारा देने वाली कांग्रेस आज 20 माह बाद भी हर मोर्चे पर विफल ही साबित हो रही

गुरुवार को भाजपा ने गहलोत सरकार पर जमकर निशाना साधा। कोरोना संक्रमित हो चुके भाजापा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया और राजेंद्र राठौड़ दोनों ही ट्विटर के माध्यम से राजस्थान सरकार पर जमकर हमले किए। पूनिया ने लिखा कि कोरोना त्रासदी से भयंकर आर्थिक बोझ में दबे आमजन, व्यापारी, किसान को बिजली का करंट देकर क्यों मार रहे हो जादूगर। त्रस्त जनता पूछ रही है आपकी सरकार से कब होगा न्याय।

वहीं, राजेंद्र राठौड़ ने ट्वीट किया कि विधानसभा चुनाव के दौरान 'अब होगा न्याय' का नारा देने वाली कांग्रेस आज 20 माह बाद भी हर मोर्चे पर विफल ही साबित हो रही है। अब कांग्रेस सरकार से त्रस्त प्रदेश का हर नागरिक चीख-चीख कर पूछ रहा है कि कब होगा न्याय ? प्रदेश के 33 में से 32 जिलों में टिड्डी दलों के हमले से किसानों की फसलें पूरी तरह चौपट हो गई। वहीं कांग्रेस सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी रही और रोकथाम हेतु कोई कदम नहीं उठाये। टिड्डी हमलों के आतंक का दंश झेलने वाला हर किसान आर्थिक सहायता को लेकर सरकार से पूछ रहा है कब होगा न्याय?

राठौड़ ने लिखा कि कांग्रेस सरकार का जन घोषणा पत्र में बिजली दरों में बढ़ोतरी नहीं करने का वादा गलत साबित हुआ है। कोरोना में आर्थिक संकट से जूझ रहे आमजन को राहत देने की बजाय बिजली का करंट देने वाली सरकार जवाब दें। राजस्थान में बजरी माफियाओं के आतंक के सामने पुलिस लाचार नजर आ रही है। बजरी माफिया बेखौफ होकर पुलिस व खान विभाग को खुली चुनौती दे रहे हैं। डम्पर व ट्रेक्टर से आम जनता को कुचला जा रहा है और सरकार खामोश है।

महिलाओं-बेटियों के साथ लगातार बढ़ रही दुष्कर्म व अत्याचारों की घटनाओं को रोकने की दिशा में कांग्रेस सरकार गंभीर क्यों नहीं है? राजस्थान कब तक शर्मसार होता रहेगा ?

सांसद दीया कुमारी ने भी साधा निशाना
दीया कुमारी ने लिखा कि बिजली के बिलों में भारी बढ़ोतरी व स्कूल ड्रेस बदलना तो बस बहाना है, आमजन, किसान व औद्योगिक इकाईयों पर कोरोना महामारी के संकट के समय भी आर्थिकभार बढ़ाना है। फसलें बर्बाद हो गईं, किसानों की कर्जमाफ़ी नहीं हुई, नौकरियां खत्म हो गईं, उद्योगों पर संकट है, परंतु प्रदेश कांग्रेस सरकार केवल बिजली के बिलों में भारी बढ़ोतरी में लगी रही।

दीया कुमारी ने लिखा कि कहीं बेटी से दुराचार, कहीं हत्या-डकैती-फिरौती और बलात्कार, कहीं अपराधी घूमें खुलेआम, जनता करे हाहाकार, फिर भी राज्य सरकार ने बढ़ाये बिल अपार।