अलीगढ़ ।  प्रमुख सचिव लोक निर्माण नितिन रमेश गोकर्ण द्वारा क्षेत्रीय भ्रमण के उपरान्त कलैक्ट्रेट सभागार में कोविड-19 संक्रमण, संचारी रोग नियंत्रण, शुद्ध पेयजल आपूर्ति के बारे में सम्बन्धित अधिकारियों के साथ बैठक की। जिलाधिकारी चन्द्र भूषण सिंह ने कोविड-19 एवं संचारी रोग नियंत्रण के बावत की गयी तैयारियों के बारे में अवगत कराया। उन्होंने बताया कि कोरोना संक्रमण एवं संचारी रोगों से निपटने के लिए जनपद भर में तैयारियां की गयी हैं। मेनपावर एवं लॉजिस्टिक्स की कोई कमी नहीं है। नगर आयुक्त सत्यप्रकाश पटेल ने बताया कि नगर निगम क्षेत्र में 80 मेनुअल एवं 12 मेकेनिकल तरीके से सेनेटाइजेशन का कार्य कराया जा रहा है। 40 पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से लोगों को कोरोना संक्रमण एवं संचारी रोग नियंत्रण के बारे जागरूक किया जा रहा है। नगर क्षेत्र में 25 एन्वायमेंटल सेंसर स्थापित कर पर्यावरण प्रदूषण पर भी निरंतर निगाह रखी जा रही है। अधिशासी अभियंता विद्युत द्वारा बताया गया कि पेयजल योजना में 38 के सापेक्ष 22 पम्प स्टेशन में विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी गयी है, शेष स्टेशनों में भी शीघ्र ही विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। अधिशासी अभियंता जल निगम द्वारा बताया गया कि पेयजल की 44 योजनाओं में रेट्रो फिटिंग हो गयी है। नई परियोजनाएं पाइप लाइन में हैं। प्रमुख सचिव लोनिवि ने जल निगम के कार्यों के प्रति गहरा असंतोष प्रकट करते हुए कार्यशैली में सुधार लाने के कड़ निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि जनमानस में न तो विभाग की छवि ही अच्छी है और न ही विभाग द्वारा संतोषजनक कार्य कराया जा रहा है। उन्होंने पाइप लाइन डालने के लिए किये गये खुदाई कार्य का गुणवत्तापूर्ण ढ़ंग से समतलीकरण करने के सख्त निर्देश दिये। 
प्रमुख सचिव लोनिवि नितिन रमेश गोकर्ण ने कहा कि जिलाधिकारी चन्द्र भूषण सिंह के नेतृत्व में विकास एवं प्रशासनिक कार्यों समेत कोरोना संक्रमण एवं संचारी रोग नियंत्रण के क्षेत्र में सराहनीय कार्य कराए जा रहे हैं। कुशल प्रशासनिक अधिकारी के रूप में जनमानस में छवि भी काफी अच्छी है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 की रोकथाम और सर्दी के मौसम में संक्रमण के संभावित उछाल से निपटने के लिए आने वाले समय में विशेष उपाय किये जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि समय-समय पर लक्ष्य के अनुरूप आरटीपीसीआर एवं एंटीजन परीक्षण कराए जाएं, प्रत्येक पॉजिटिव केस के औसतन 25 संपर्कियों का पता लगाकर उनकी जांच की जाए। सभी सरकारी एवं निजी अस्पतालों में आने वाले आईएलआई एवं सारी के मामलों की कोविड जांच की जाए। हाईरिस्क मरीजों का कोविड टैस्ट सुनिश्चित किया जाए। समय-समय पर वेंडर, ऑटोरिक्शा चालक, स्वास्थ्यकर्मी और कोविड हैल्प डेस्क पर पहचान किये गये लक्षणयुक्त व्यक्तियों की जांच अवश्य की जाए। बंदीग्रह में रहने वाले बंदियों, वृद्धाश्रम, बाल सुधार ग्रह, नारी निकेतन में रहने वाले व्यक्तियों की नियमित रूप से जांच की जाए। 
प्रशासन-पुलिस व सिविल सोसाइटी के सहयोग से कोविड की रोकथाम के लिए मास्क पहनना, नियमित हाथ धोना, सामाजिक दूरी बनाए रखने के व्यवहार को प्रोत्साहित किया जाए। घर-घर में यह संदेश पहुंचाया जाए कि संक्रमण का खतरा अभी टला नहीं है, यदि हम अन्य देशों या राज्यों का अध्ययन करते हैं तो वहां पर दूसरा उछाल देखा जा रहा है, जिसकी यहां भी संभावना महसूस की जा रही है। उन्होंने कहा कि सर्दी एवं त्योहारों को –ष्टिगत रखते हुए पर्यावरण संरक्षण का ध्यान रखा जाए। यदि वायु प्रदूषण बढ़ता है तो ऐसे में संक्रमण में उछाल आना संभावित है। उन्होंने आतिशबाजी एवं पराली जलाने से होने वाले प्रदूषण के प्रति सचेत रहने के निर्देश दिये।