लॉस एंजलिस। मानवरहित अंतरिक्ष यान क्रू ड्रैगन शनिवार को अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (आइएसएस) के लिए रवाना हुआ।निजी कंपनी स्पेसएक्स द्वारा निर्मित अंतरिक्ष यान को करीब 4,9 मीटर लंबे यान को फॉल्कन 9 रॉकेट पर फ्लोरिडा के केनेडी स्पेस सेंटर से लांच किया। इस यान के साथ 'रिप्ले' नाम के आदमकद पुतले को भी आइएसएस भेजा गया है। यह परीक्षण सफल रहने पर अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री क्रू ड्रैगन पर सवार हो अंतरिक्ष जाएंगे। अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा और स्पेसएक्स के मालिक एलन मस्क के लिए परीक्षण का सफल होना बहुत जरूरी है। 2011 में अमेरिकी स्पेस शटल प्रोग्राम के बंद होने के बाद से नासा अपने अंतरिक्ष यात्रियों को आइएसएस में भेजने के लिए रूस के सोयूज यान पर निर्भर है। अंतरिक्ष यात्रियों को ले जाने वाले यान बनाने के लिए नासा ने स्पेसएक्स और बोइंग को 6,8 अरब डॉलर दिए थे। ऐसा पहली बार है, जब नासा ने किसी निजी कंपनी को अंतरिक्ष यान बनाने का ठेका दिया है। इसके तहत स्पेसएक्स ने क्रू ड्रैगन लांच किया है। लांच के 11 मिनट बाद ही यान रॉकेट से अलग हो गया। आठ मार्च को इस यान के वापस धरती पर लौट आने का अनुमान है। स्पेसएक्स के क्रू ड्रैगन यान के साथ भेजे गए आदमकद पुतले में कई सेंसर लगे हैं। लांच से पहले एलन मस्क ने यान के भीतर की तस्वीर ट्वीट की थी, जिसमें रिप्ले भी दिख रहा है। उसके गर्दन, सिर और रीढ़ की हड्डी की जगह पर सेंसर लगाए गए हैं। इससे पता चल पाएगा कि यान के रवाना होने पर उसमें बैठे अंतरिक्ष यात्री कैसा महसूस करेंगे।आइएसएस में पहुंचने के बाद करीब पांच दिन उसका परीक्षण किया जाएगा। अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री एनी मैक क्लेन और कनाडा के डेविड सेंट जैक्स उसके केबिन का निरीक्षण करेंगे।