सोनभद्र. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के सोनभद्र (Sonbhadra) जिले की अस्थाई जेल (Temporary Jail) से मंगलवार देर रात खिड़की का सरिया निकालकर तीन बंदी फरार हो गए. तीनों तीनो अलग-अलग मामलों में बंद थे. कैदी भागने की सूचना के बाद हड़कंप मच गया. तीनों की तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है, लेकिन अभी तक कोई भी बंदी पुलिस (Police) के हाथ नहीं आया है. सोनभद्र जिले के राबर्टसगंज में ये अस्थाई जेल बनी है, जहां से तीनों कैदी फरार हुए हैं. इन भगोड़े कैदियों में दुद्धी थाना इलाके का 28 वर्षीय शिवनाथ यादव है, जो पाक्सो एक्ट में बंदी था. इसके अलावा तमंचे के साथ आर्म्स एक्ट में गिरफ्तार हुए वाजिद और संदीप शर्मा भी शामिली हैं.

कैदियों के कोरोना संक्रमित मिलने पर बनाई गई थी अस्थायी जेल
वाजिद शक्तिनगर और संदीप शर्मा डाला क्षेत्र का रहने वाला है. खास बात ये है कि ये अस्थाई जेल रार्बट्सगंज पुलिस चौकी के पास बनी है, जिसको लेकर सुरक्षा और पुलिस चौकसी पर भी सवाल उठ रहे हैं. क्योंकि रात में कोरोना संक्रमण के कारण बाहर निकलने पर पाबंदी है और पुलिस चेकिंग की बात कहती हैं. बता दें कि कुछ दिनों पहले गुरमा स्थित जिला कारागार के 17 लोग कोरोना संक्रमित मिले थे. जिसमे आठ बंदी और नौ जेलकर्मी शामिल थे. जिसके बाद रार्बट्सगंज में अस्थाई जेल बनाई गई थी. अभी चार पांच दिन पहले ही नए बंदी भेजने का क्रम शुरू हुआ था.

एसपी ने कही कार्रवाई की बात
वाजिद, संदीप और शिवनाथ यादव को जब पुलिस ने पकड़ा तो इन्हें इसी जेल में बंद किया गया. इस मामले में अपर पुलिस अधीक्षक ओपी सिंह ने बताया कि  जिला कारागार में बंदियों में कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद जिले में दो अतिरिक्त अस्थाई कारागार बनाए गए थे, जिनमें  इन कैदियों को शिफ्ट किया गया था.  कुछ दिन पूर्व आर्म्स एक्ट और पास्को एक्ट के तहत जेल भेजे गए इन कैदियों को भी अस्थाई जेल में शिफ्ट किया गया था जो खिड़की के माध्यम से निकलकर भागने में कामयाब रहे. साथ ही जिन पुलिसकर्मियों द्वारा लापरवाही बरती गई है उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है. इन तीनों कैदियों के खिलाफ राबर्टसगंज कोतवाली क्षेत्र में मामला दर्ज कर लिया गया है. सभी थानों चौकियों को अलर्ट कर दिया गया है इसके साथ कई टीमें बनाकर इनको पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है और जल्द ही इन तीन कैदियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा.