ऐसा अक्सर हम सभी के साथ होता है, जब हमारे मां-बाप हमें मोज़े उतार कर सोने की सलाह देते हैं। हालांकि, हमें इससे फर्क नहीं पड़ता क्योंकि इसके पीछे क्या लॉजिक हो सकता है? आज इस आर्टिकल में हम आपको बता रहे हैं, कि मोज़े पहनकर सोने से आपकी सेहत को किस तरह नुकसान पहुंच सकता है।

ब्लड सर्क्यूलेशन कम हो सकता है

ऐसा माना जाता है कि मोज़े पहनकर सोने से ब्लड सर्क्यूलेशन बेहतर होता है, लेकिन कई मामलों में उल्टा भी हो सकता है। सोते समय कसे हुए मोज़े पहनने से ब्लड फ्लो कम हो सकता है। अगर आपके पैर ठंडे हैं, तो ढीले मोज़े पहनकर ही सोएं।

स्किन इंफेक्शन का ख़तरा बढ़ता है

नाएलॉन के सॉक्स पहनने से या फिर ऐसा कपड़ा जो स्किन से जुड़ी तकलीफों का कारण बन सकता है पहनें। इनकी जगह कॉटन के सॉक्स पहनें।

शरीर का तापमान बढ़ाता है

सोते समय अगर आप मोज़े पहने रहते हैं, तो इससे आपका शरीर ज़रूरत से ज़्यादा गर्म हो जाएगा। खासतौर पर ऐसे मोज़े जिनमें एयर पास नहीं होती।। इससे सोते समय आपके शरीर का तापमान बढ़ जाता है।

इससे आप आराम से नहीं सो पाएंगे

कसे हुए मोज़े पहनने से आप आराम महसूस नहीं करेंगे और इससे आपकी नींद ख़राब होगी। इसलिए बेहतर यही है कि आप सोते समय मोज़े उतार दें।

ख़राब स्वच्छता

सोते समय मोजे पहनने से ख़राब स्वच्छता का खतरा बढ़ सकता है। अगर आपके मोज़े बहुत हल्के हैं, साफ नहीं हैं या असाध्य कपड़े से बने हैं, तो इससे आपके संक्रमण और गंध की संभावना बढ़ जाती है। कॉटन या फिर बांस से बने सॉक्स ही चुनें, इन्हें पहनकर सोना बेहतर है।

ऐसे अध्ययन हैं जो मोजे पहनकर सोने के विचार को बढ़ावा देते हैं। अगर आप भी मोज़े पहनकर सोना चाह रहे हैं, तो सुनिश्चित करें कि आपके मोज़े बहुत कसे हुए हों, सांस लेने वाले कपड़े से बने हों और साफ हों।