इंदौर. मध्य प्रदेश की महू सैन्य छावनी (Mhow Military Cantonment) में गणतंत्र दिवस के मौके पर एक फर्जी फौजी पकड़ा गया. आर्मी ड्रेस पहने ये युवक छावनी क्षेत्र के संवेदनशील और प्रतिबंधित इलाकों की फोटो ले रहा था. इसी दौरान मॉल रोड पर सैनिकों ने देखा. युवक से पूछताछ में उसने अपने आपको बिहार रेजीमेंट का बताया और अपनी पदस्थापना महू में ही बताई. लेकिन उसकी वर्दी में कुछ ख़ामियां दिखीं, साथ ही टोपी पर बिहार रेजीमेंट (Bihar Regiment) का चिह्न भी उल्टा लगा देख, जवानों ने और पूछताछ की तो उसकी असलियत बाहर आ गई. उसे फौरन गिरफ्तार कर लिया गया.जानकारी के मुताबिक छावनी इलाके की तस्वीरें ले रहे युवक ने पूछताछ के दौरान मोबाइल फोन पर सेना का एक परिचय पत्र दिखाया, ये कार्ड किसी और व्यक्ति के नाम का था. बताया गया कि वह कार्ड सीएसडी कैंटीन का कार्ड था. इसके बाद सेना की इंटेलिजेंस यूनिट को जानकारी दी गई. आर्मी इंटेलिजेंस ने पूछताछ के बाद युवक का पुलिस के हवाले कर दिया.
पीथमपुर में सुरक्षा गार्ड की नौकरी करता है युवक

पुलिस के मुताबिक पकड़े गए व्यक्ति का नाम मिथुन पुत्र रामप्रसाद है. वह राजगढ़ जिले के ब्यावरा का रहने वाला बताया जा रहा है. बताया गया कि मिथुन का सपना था कि वो सेना में भर्ती हो और इसके लिए उसने कई बार प्रयास भी किए, लेकिन चयन नहीं हुआ. उसे सैनिक जैसे दिखने का शौक है और इसीलिए वह सेना की वर्दी पहनकर घूमता था. मंगलवार को भी वो महू इसी तरह घूमने आया था लेकिन मुसीबत में पड़ गया. मिथुन पीथमपुर की कपारो कंपनी में सुरक्षा गार्ड की नौकरी करता है. पुलिस युवक से पूछताछ कर रही है कि वो प्रतिबंधित इलाकों की तस्वीरें क्यों ले रहा था. कहीं इसके पीछे कोई साजिश तो नहीं है, पुलिस सभी पहलुओं की छानबीन कर रही है.

 


सबसे पुराना सैन्य प्रशिक्षण केन्द्र है महू

महू का इन्फैंट्री स्कूल भारतीय सेना का विशाल और सबसे पुराना सैन्य प्रशिक्षण केंद्र है. यहां पैदल सेना के जवानों को युद्ध अभ्यास और आधुनिक तकनीक की ट्रेनिंग दी जाती है. यहां राष्ट्रीय निशानेबाजों का प्रशिक्षण भी होता है. इसके अलावा महू के आर्मी वार कॉलेज में हथियारों की ट्रेनिंग के साथ ही सैन्य तंत्र को मजबूत करने की ट्रेनिंग दी जाती है. सैन्य विज्ञान और युद्ध कमान की रणनीति सैनिकों को बताई जाती है.