भोपाल।पिछली कमलनाथ सरकार के उस आदेश को वर्तमान शिवराज सरकार ने बदल दिया है जिसमें ठेकेदारों को भुगतान की सुविधा दी गई थी। राज्य के पिछली कमलनाथ सरकार के समय जल संसाधन विभाग ने 17 मई 2019 को आदेश जारी किया था कि टर्न की आधार पर परियोजना में संयुक्त रुप से यूनिट-1 एवं यूनिट-2 के पेमेंट शेड्यूल अनुबंध में यूनिट-2 में प्रेशर पाईप लगाने का भुगतान बिना डेम नींव/क्रेस्ट लेवल बनाये भी ठेकेदार को किया जा सकेगा। लेकिन अब वर्तमान शिवराज सरकार ने इस आदेश को बदल दिया है। अब ठेकेदार को डेम की नींव/क्रेस्ट लेवल निर्माण पर प्रेशर पाईप लगाने का भुगतान होगा। इस संबंध में आदेश जारी हो गये हैं।  


जबरन निजी प्रयोगशालाओं में नहीं भेजे जायेंगे कोविड टेस्ट के सेम्पल
अब प्रदेश के जिलों में कोविड-19 जांच के सेम्पल जबरन निजी प्रयोगशालाओं में नहीं भेजे जायेंगे। निजी प्रयोगशालाओं में तभी सेम्पल भेजे जायेंगे जबकि सरकारी प्रयोगशालाओं में क्षमता से अधिक सेम्पल एकत्रित हो जाते हैं। राज्य के स्वास्थ्य आयुक्त ने सभी संभागायुक्तों एवं जिला कलेक्टरों को ताजा निर्देश जारी कर कहा है कि प्रदेश के जिलों में कोविड-19 जांच के सेम्पल यदि शासकीय लैबों की जांच क्षमता से अधिक एकत्रित किये जाते हैं तो केवल आठ चिन्हित जिलों भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, इंदौर, धार, सागर, उज्जैन एवं रीवा जिलों को सेम्पल निजी प्रयोगशालाओं को दिये जाने की अनुमति पूर्व में दी गई थी। परन्तु वर्तमान में यह संज्ञान में आया है कि जिलों से शासकीय लैबों की जांच क्षमता होने के बावजूद जांच सेम्पल निजी प्रयोगशालाओं को आरटी-पीसीआर हेतु दिये जा रहे हैं। स्वास्थ्य आयुक्त ने कहा है कि संभागायुक्त एवं जिला कलेक्टर शीघ्र अपने जिले की समीक्षा कर यह सुनिश्चित करें कि शासकीय लैबों की जांच क्षमता से अधिक सेम्पल एकत्रित होने पर ही निजी प्रयोगशालाओं में भेजे जायें। यदि इस आदेश का पालन नहीं किया जाता है तो संबंधित अधिकारी के विरुध्द आवश्यक कार्यवाही की जाये।