दिल्ली में लोकसभा चुनाव से महज कुछ घंटे पहले राजनीतिक दलों के बीच ट्विटर वॉर शुरू हो गया है. दिल्ली की राजनीति के दो बड़े चेहरे शनिवार शाम आपस में उलझ गए. पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने ट्वीट कर अरविंद केजरीवाल पर उनकी सेहत के बारे में अफवाह फैलाने का आरोप लगाया तो वहीं मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आरोपों को खारिज करते हुए सवाल पूछ लिया. इस बातचीत में सबसे दिलचस्प बात रही कि शीला दीक्षित ने तंज कसते हुए केजरीवाल को भोजन पर आमंत्रित किया तो वहीं मुख्यमंत्री ने भी पूछ लिया भोजन करने कब आऊं.

शीला दीक्षित ने ट्वीट कर लिखा कि "अरे भाई अरविंद केजरीवाल, मेरी सेहत को ले कर क्यों गलत अफवाहें फैला रहे हो? अगर कोई काम नहीं हो तो आ जाओ भोजन पर. मेरी सेहत भी देख लेना, भोजन भी कर लेना और अफवाहें फैलाए बिना चुनाव लड़ना भी सीख लेना.''
अरविंद केजरीवाल ने भी ट्वीट करने में देरी नहीं की. उन्होंने शीला दीक्षित को जवाब देते हुए ट्वीट पर लिखा "मैंने आपकी सेहत पर कब कुछ बोला? कभी नहीं. मेरे परिवार ने मुझे बुज़ुर्गों की इज्जत करना सिखाया है. भगवान आपको अच्छी सेहत और लम्बी उम्र दे. जब आप अपने इलाज के लिए विदेश जा रही थीं तो मैं बिना बुलाए आपकी सेहत पूछने आपके घर आया था. बताइए आपके घर भोजन करने कब आऊं?". आपको बता दें कि दिल्ली की सात सीटों पर 12 मई को लोकसभा चुनाव होने हैं. पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित उत्तर-पूर्वी दिल्ली से उम्मीदवार हैं जहां बीजेपी से मनोज तिवारी और आम आदमी पार्टी से दिलीप पांडेय मैदान में हैं.शीला दीक्षित कांग्रेस की कद्दावर नेता हैं और उनके सहारे पार्टी दोबारा दिल्ली में खोई हुई जमीन वापस पाने की जुगत में है. 2014 में दिल्ली की सभी 7 सीट भाजपा के खाते में आई थीं, जिसे वह दोबारा जरूर जीतना चाहेगा. विधानसभा में 67 सीट जीतने वाली आम आदमी पार्टी के सामने वोट शिफ्ट न होने देने की चुनौती है. बीते दिनों आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन को लेकर खबरें चल रही थीं. रिपोर्ट्स में कहा गया कि दोनों पार्टियों के बीच 4:3 के फॉर्म्युले पर सहमति बनी थी लेकिन गठबंधन नहीं हो पाया.


क्या हैं दिल्ली के समीकरण

दिल्ली में 1.43 करोड़ मतदाता हैं, जिनमें से 78,73,022 पुरुष, 64,42,762 महिला और 669 तीसरे लिंग के मतदाता हैं. चुनाव आयोग के मुताबिक 2,54,723 वोटर्स की उम्र 18 से 19 के बीच है. राज्य में 2,700 जगहों पर 13,819 मतदाता केंद्र बनाए गए हैं. 17 मतदान केंद्रों को सिर्फ महिलाएं संभालेंगी.