भोपाल । प्रदेश भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा ने राजनीति की शुरुआत निचले स्तर से की है, और वे अपने परिश्रम के दम पर प्रदेश अध्यक्ष के पद तक पहुंचे हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत 1986 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से की, इसके बाद वे एबीवीपी से 2013 में भाजपा में आए। इस दौरान उन्होंने भाजपा में विभिन्न पदों पर रहते हुए युवा नेतृत्व को आगे बढ़ाया। श्री शर्मा मूलत: मुरैना जिले के सुरजनपुर गांव के रहने वाले हैं। विष्णु दत्त शर्मा वर्तमान में खजुराहो से सांसद हैं, इसी के साथ वे मध्य प्रदेश भाजपा में प्रदेश महामंत्री का जिम्मा संभाल रहे थे। 
विष्णु दत्त शर्मा 2104 के लोकसभा चुनाव में झारखंड में 6 लोकसभा सीटों के चुनाव प्रभारी रहे थे। इसी के साथ दिल्ली, बिहार और असर में हुए विधानसभा चुनाव कार्यों का संचालन किया। मध्य प्रदेश में 2016 में विष्णु दत्त शर्मा पहली बार प्रदेश महामंत्री बनाए गए। 
    विष्णु दत्त शर्मा ने 1991-92 में ग्वालियर कृषि विश्वविद्यालय से बीएससी, एग्रीकल्चर किया इसके बाद उन्होंने एमएससी एग्रीकल्चर, एग्रोनॉमी ग्वालियर कृषि विश्वविद्यालय और जबलपुर के जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय से किया। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय एग्रीकल्चर सेमीनार बैंकॉक में भाग लिया था। इसके साथ विष्णु दत्त शर्मा ने 2015 में भारत सरकार के युवक और खेल मंत्रालय द्वारा इंडो-चीन यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम का में भारतीय डेलीगेशन का नेतृत्व किया था। वीडी शर्मा को कई अवार्डों से भी नवाजा गया है, 2018 में दिल्ली के प्रतिष्ठित कलाम फाउंडेशन ने उन्हें कलाम इनोवेशन एंड गवर्नेंस अवार्ड से सम्मानित किया। एमआईटी पुणे ने उन्हें यूथ लीडर का अवार्ड दिया। विष्णु दत्त शर्मा जब अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में रहे तब उन्होंने शिक्षा जगत में फैले व्यापारिकरण के खिलाफ बड़ा अभियान छेड़ा था। इसके लिए उन्होंने सुप्रीम कोट तक लड़ाई लड़ी और सभी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए छात्रों का सफल नेतृत्व किया। इसके साथ ही मध्य प्रदेश के डीमेट कॉलेजों में डीमेट परीक्षा में गरीब छात्रों को समान अवसर दिलाने के लिए आंदोलन किया और सुप्रीम कोर्ट से 50 प्रतिशत सीटें मेरिट के लिए आरक्षित हुईं।