नैरोबी में चल रही अंडर-20 वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में शुक्रवार को भारतीय एथलीटों का प्रदर्शन शानदार रहा। शैली सिंह लॉन्ग जंप के फाइनल में पहुंचीं, तो वहीं 100 मीटर हर्डल रेस में नंदिनी अगासरा ने सेमीफाइनल में अपना स्थान पक्का किया।

शैली ने ग्रुप बी में टॉप में रहकर फाइनल के लिए क्वॉलिफाई किया। उन्होंने अपने तीसरे प्रयास में 6.40 मीटर जंप लगाई। इससे पहले उन्होंने अपने पहले प्रयास में 6.34 मीटर और दूसरे प्रयास में 5.98 मीटर की जंप लगाई। फाइनल के लिए क्वालिफिकेशन मार्क 6.35 मीटर का था। ग्रुप बी में शैली का फाइनल मुकाबला 22 अगस्त को भारतीय समयानुसार शाम छह बजकर 55 मिनट पर होगा।

नंदिनी अगासरा 100 मीटर हर्डल रेस के सेमीफाइनल में पहुंचीं

इससे पहले एथलीट नंदिनी अगासरा ने 100 मीटर हर्डल रेस के सेमीफाइनल के लिए क्वालिफाई किया। उन्होंने इसके लिए 14.18 सेकंड का समय निकाला। वहीं, गुरुवार को रोहन कांबले ने पुरुषों की 400 मीटर बाधा दौड़ के सेमीफाइनल में जगह बनाई थी।


मिक्स्ड रिले टीम ने ब्रॉन्ज जीता

बुधवार को 400 मीटर मिक्स्ड रिले ईवेंट में ब्रॉन्ज मेडल मिला है। भारतीय टीम में भरत एस, प्रिया मोहन, सम्मी और कपिल शामिल थे। भारतीय टीम चैम्पियनशिप के फाइनल में 3:23.60 सेकेंड के समय से तीसरे स्थान पर रही।

अंडर- 20 वर्ल्ड एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में अब तक पांच मेडल

यह अंडर-20 वर्ल्ड एथलेटिक्स चैम्पियनशिप के इतिहास में भारत का पांचवां मेडल है। इससे पहले 2018 में हिमा दास 400 मीटर रेस में गोल्ड मेडल जीता था। वहीं, इस बार टोक्यो ओलिंपिक में जेवलिन में नीरज चोपड़ा ने गोल्ड मेडल जीता था। वहीं जमैका में आयोजित 2002 वर्ल्ड एथलेटिक्स अंडर-20 चैंपियनशिप में सीमा पूनिया ने डिस्कस थ्रो में 55.83 मीटर थ्रो कर ब्रॉन्ज मेडल जीता था। नवजीत कौर ढिल्लों ने भी 2014 में आयोजित अंडर-20 वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में ब्रॉन्ज मेडल जीता था।