नई दिल्ली । कोरोना महामारी की रोकथाम के लिए वैक्सीन के आने से लोगों को जहां राहत मिली है वहीं सीरम इंस्टीट्यूट के अधिकारियों के मुताबिक जल्द ही कोरोना वैक्सीन बच्चों को दी जाएगी। सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया में एग्जिम ग्रुप के डायरेक्टर पीसी नांबियार ने बताया कि बच्चों को लगने वाली कोविड वैक्सीन इस साल के अक्टूबर तक तैयार हो सकती है। इतना ही नहीं वैक्सीन को बच्चों के जन्म के एक ही महीने के भीतर ही दिया जा सकेगा। 
सीरम इंस्टीट्यूट कोविशील्ड वैक्सीन बना रहा है। नांबियार ने ये घोषणा केरल के कोच्चि में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा यह वैक्सीन जो बच्चों को दी जाएगी वह ही आगे चलकर बच्चों के संक्रमित पाए जाने पर दवा के तौर पर दिए जाने के हिसाब से विकसित की जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि सीरम इंस्टीट्यूट चार और कोविड वैक्सीन का निर्माण करेगा और यह सभी इसी साल के आखिर तक इस्तेमाल के लिए तैयार हो जाएंगी।  नांबियार ने आगे कहा कि तेजी से परीक्षण के चरण पूरे हो जाते हैं तो नोवोवैक्स वैक्सीन जून तक उपलब्ध हो जाएगी। उन्होंने कहा कि बच्चों के लिए वैक्सीन अक्टूबर तक तैयार हो जाएगी। कोवि-वेक वैक्सीन के दूसरे चरण के क्लीनिकल ट्रायल कोडानेजिक्स के तत्वाधान में पूरे हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की जरूरत को पूरा करने के लिए, कोविशील्ड वैक्सीन के उत्पादन की क्षमता अप्रैल तक 20 करोड़ डोज हो जाएगी। नांबियार के मुताबिक कोविशील्ड वैक्सीन कोविड के किसी खास प्रकार पर आधारित होने के बजाय मलेरिया आधारित वैक्सीन है इस नाते यह कोविड-19 के सभी नए प्रकारों पर असरकारक है। नांबियार ने वैक्सीन के बाद किसी तरह के साइड इफेक्ट की रिपोर्ट को खारिज करते हुए कहा कि हल्का सिर दर्द और बुखार ये साधारण से असर हैं। उन्होंने आगे कहा कि जो इस बीमारी से ठीक हुए हैं उन्होंने भी वैक्सीन लेने की जरूरत है क्योंकि कोविड के खिलाफ रोग प्रतिरोधक क्षमता सिर्फ कुछ समय के लिए प्रभावी रहती है।