भोपाल. मध्य प्रदेश में 1 मार्च से कोरोना वैक्सीनेशन का दूसरा चरण शुरू होगा.सरकारी अस्पतालों में वैक्सीन फ्री लगेगी, जबकि  सरकार द्वारा चयनित निजी अस्पतालों में इसकी कीमत 250 रुपए निर्धारित की गई है. हेल्थ केयर वर्कर्स और फ्रंटलाइन वर्कर्स के पहले डोज के वैक्सीनेशन में मप्र देश में दूसरे स्थान पर रहा. दूसरे चरण में प्रदेश के 71 लाख 62 हजार बुजुर्गों (60 साल से अधिक) को वैक्सीन लगाई जाएगी. उन्हें आइडेंटिटी कार्ड साथ लाना होगा. अगर उन्हें कोई बीमारी है तो डॉक्टर से जारी सर्टिफिकेट साथ लाना होगा.

जानकारी के मुताबिक, वैक्सीनेशन के लिए कोविन 2.0 पोर्टल पर एडवांस रजिस्ट्रेशन किया जा सकेगा. रजिस्ट्रेशन के लिए लोगों के आइडेंटिटी कार्ड की जरूरत होगी. इसीके आधार पर तय समय पर वैक्सीन सेंटर पर टीका लगेगा. जो हेल्थ वर्कर और फ्रंटलाइन वर्कर रजिस्ट्रेशन नहीं करा पाए हैं वे भी पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराकर टीका लगवा सकते हैं. मार्च के पहले सप्ताह में 3, 4 और 6 तारीख को सरकारी और निजी संस्थाओं में टीकाकरण की सुविधा होगी.

186 संस्थाओं में होगा टीकाकरण
एक मार्च को 186 संस्थाओं में वैक्सीनेशन की सुविधा उपलब्ध होगी. इसमें 51 जिला अस्पताल, 84 सिविल अस्पताल, 13 शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, तीन निजी चिकित्सा महाविद्यालय, 30 निजी चिकित्सालयों को शामिल किया गया है. 200 लोगों को टीकाकरण के बाद दिक्कत हुई थी लेकिन अब सब नॉर्मल है.

इन लोगों को लगेगा दूसरे चरण में टीका
60 वर्ष से ऊपर और चिन्हित को-मोर्बिडिटी के 45 से 59 वर्ष की आयु वर्ग के लाभार्थियों को कोरोनावायरस से बचाव का टीका लगाया जाएगा. सभी लाभार्थियों को उम्र के प्रमाण के लिए फोटो पहचान पत्र और कोमोर्बिडिटी का प्रमाण पत्र (यदि आवश्यक हो) दिखाना होगा.

ये आइडेंटिटी कार्ड्स होंगे मान्य
लाभार्थियों को भारत सरकार द्वारा अनुमोदित आईडी कार्ड में से एक के माध्यम से सत्यापित किया जाएगा. स्वीकृत आईडी में आधार संख्या, ड्राइविंग लाइसेंस, स्वास्थ्य योजना के तहत जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, सांसदों विधायकों एमएलसी को जारी किए गए आधिकारिक पहचान पत्र, पैन कार्ड, बैंक द्वारा जारी पासबुक, डाकघर, पासपोर्ट, पेंशन दस्तावेज, केंद्रीय राज्य सरकार सार्वजनिक उपक्रम सार्वजनिक लिमिटेड कंपनियों द्वारा कर्मचारियों को जारी किया गया पहचान पत्र.राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर के तहत भारत के रजिस्ट्रार जनरल द्वारा जारी किया गया स्मार्ट कार्ड को शामिल किया गया है. 60 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों के लिए किसी अतिरिक्त दस्तावेज की आवश्यकता नहीं होगी. उन्हें आधार कार्ड के माध्यम से अपनी पहचान को मान्य करना होगा. 45-59 वर्ष के बीच के लोगों के लिए चिकित्सक से कोमोर्बिडिटी प्रमाण पत्र आवश्यक है.