• विश्वस्त सूत्रों की मानें तो राज्य सरकार स्कूलों में लॉकडाउन की फीस तय कर सकती है। इससे अभिभावकों को कुछ राहत जरूर मिलेगी
  • हाईकोर्ट से स्कूल संचालकों को बड़ी राहत मिली है तो अभिभावकों की चिंता और बढ़ गई है। हाईकोर्ट ने फीस न लेने के राज्य सरकार के आदेश पर रोक लगा दी है

हाईकोर्ट से स्कूल संचालकों को बड़ी राहत मिली है तो अभिभावकों की चिंता और बढ़ गई है। हाईकोर्ट ने फीस न लेने के राज्य सरकार के आदेश पर रोक लगा दी है। सरकार के निर्णय को रद्द करते हुए कोर्ट ने कहा कि इस पर दोबारा फैसला लिया जाए। स्कूल संचालकों ने हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत किया है। पिछले दिनों राज्य सरकार ने कहा था कि जब तक स्कूल है तब तक फीस नहीं ले सकते हैं। इसका विरोध करते हुए निजी स्कूल संचालकों ने ऑनलाइन एजुकेशन बंद कर दिया था। वहीं, अभिभावक राज्य सरकार के अगले आदेश का इंतजार कर रहे हैं। अभिभावकों को फीस में राहत मिलने की उम्मीद है।

राज्य सरकार लॉकडाउन की फीस तय कर सकती है
जानकारी के अनुसार शुक्रवार को हाईकोर्ट के आदेश के बाद फीस का विवाद फिर से शुरू हो गया। स्कूल फिर से फीस जमा करने के लिए अभिभावकों पर दबाव डालना शुरू कर देंगे। विश्वस्त सूत्रों की मानें तो राज्य सरकार स्कूलों में लॉकडाउन की फीस तय कर सकती है। इससे अभिभावकों को कुछ राहत जरूर मिलेगी। लॉकडाउन की फीस को लेकर अभिभावक पिछले चार महीने से विरोध कर रहे हैं।

स्कूल संगठन: हाईकोर्ट के आदेश से किसी की हार-जीत नहीं हुई
संगठन के प्रवक्ता दीपक राजगुरु ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश का स्कूल संचालक स्वागत करते हैं। इससे किसी की हार-जीत नहीं हुई है। स्कूल संगठन ने कहा कि जो अभिभावक सक्षम हैं उन्हें फीस भरनी होगी, जो लाचार हैं, जिनके पास कोई रोजगार नहीं है, कारोबार बंद हो गया है, हम उनकी पूरी मदद करेंगे। हाईकोर्ट के आदेश के बाद अभिभावकों को डरने की जरूरत नहीं है और न ही स्कूल फीस भरने के लिए दबाव डालेंगे। प्रवक्ता दीपक राजगुरु ने कहा कि स्कूलों को भी शिक्षकों को चार महीने का वेतन चुकाना है। पैसे कहां से लाएंगे।

ये स्थिति: चार माहे में 3 बार बदले नियम, अमल एक पर भी नहीं
स्कूलों की फीस को लेकर किसी भी निर्णय को अंतिम नहीं कहा जा सकता है, क्योंकि पिछले 4 महीने में 3 बार नियम बदले जा चुके हैं। राज्य सरकार ने पहले कहा था कि स्कूल ट्यूशन के अलावा दूसरी कोई भी फीस यानी ट्रांसपोर्टेशन या अन्य खर्च नहीं ले सकेंगे। अभिभावकों का विरोध बढ़ा तो राज्य सरकार ने अपने निर्णय को बदलते हुए कहा कि जब तक स्कूल नहीं खुलेगा तब तक फीस नहीं ले सकेंगे। अब हाईकोर्ट ने सरकार के इस निर्णय को भी बदल दिया है।

सरकार पर पूरा भरोसा, अभिभावकों के साथ जरा भी अन्याय नहीं होगा
हाईकोर्ट के आदेश के बाद राज्य सरकार क्या निर्णय लेती है, आने वाले दिनों में पता चलेगा। राज्य सरकार पर पूरा भरोसा है, वह अभिभावकों के साथ अन्याय नहीं करेगी। इसलिए हम सरकार के अगले आदेश का इंतजार कर रहे हैं।