मुम्बई  । टीम इंडिया के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने कहा है कि कोरोना वायरस महामारी के खतरे को देखते हुए गेंद पर लार के इस्तेमाल पर प्रतिबंध सही है पर इसका विकल्प भी खोजना होगा। इससे पहले आईसीसी क्रिकेट समिति ने कोरोना वायरस महामारी के बाद क्रिकेट बहाल होने पर गेंद पर लार के इस्तेमाल पर रोक लगाने को कहा था पर किसी कृत्रिम पदार्थ के इस्तेमाल की इजाजत नहीं दी है। लारा के अनुसार नये नियम से गेंदबाजों के लिये हालात और कठिन हालात हो जायेंगे। वहीं अन्य गेंदबाजों की तरह बुमराह का भी मानना है कि लार का कोई विकल्प दिया जाना चाहिये। उन्होंने क्रिकेटर इयान बिशप और शॉन पोलाक से बातचीत में कहा ,‘‘ मैं वैसे भी मैदान पर गले लगने या हाई - फाइव करने वालों में से नहीं हूं तो मुझे इसकी कमी नहीं खलेगी पर लार के इस्तेमाल की कमी महसूस होगी।’’ बुमराह ने कहा ,‘‘ मुझे नहीं पता कि खेल बहाल होने पर क्या दिशा निर्देश होंगे पर मेरा मानना है कि इसका विकल्प देखा जाना चाहिये।’’ उन्होंने कहा कि लार का इस्तेमाल गेंद पर नहीं होने से खेल पूरी तरह से बल्लेबाजों के अनुकूल हो जायेगा। उन्होंने कहा ,‘‘ गेंद पर लार का इस्तेमाल नहीं कर पाने से गेंदबाजों के लिये काफी कठिनाई आयेगी। वैसे भी मैदान छोटे होते जा रहे हैं और विकेट भी सपाट हो रहे हैं ऐसे में बल्लेबाज हावी होते जा रहे हैं।’’ बुमराज ने कहा ,‘‘ हमें गेंद की चमक बनाये रखने के लिये विकल्प की जरूरत है ताकि स्विंग या रिवर्स स्विंग मिल सके ।’’बिशप ने जब यह कहा कि पिछले कुछ साल से हालात तेज गेंदबाजों के अनुकूल थे, तो बुमराह ने उनसे सहमति जताई । उन्होंने कहा ,‘‘टेस्ट क्रिकेट में यह सही है । यही वजह है कि यह मेरा पसंदीदा प्रारूप है।