छत्तीसगढ़ के ग्रामीण क्षेत्र में अब उपभोक्ताओं को एक मुश्त बिजली बिल का भुगतान नहीं करना पड़ेगा। इसके साथ ही उन्हें स्लैब छूट का लाभ और किश्त में भुगतान करने की सुविधा भी मिलेगी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस संबंध में विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं। इसके तहत अब कंपनी एक साथ बिल भी नहीं भेज सकेगी।

दरअसल, नारायणपुर जिले के कुछ गांव ढोलगांव, बिजली पालकी, बकुलवाही सुलंगा, सगनीतराई केरलापाल, गुरिया, करलक, महका और देवगांव में मीटर रीडिंग की गई। फिर स्पॉट बिलिंग से एकमुश्त राशि भुगतान के लिए कहा गया। एक साथ ज्यादा बिल देखकर ग्रामीणों ने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री से की थी।

बिजली कंपनी ने कहा, जारी किए जाएंगे संशोधित बिल
अधीक्षण अभियंता कांकेर ने स्पष्ट किया है, स्पॉट बिलिंग के दौरान छपे बिल को देखकर ग्रामीण परेशान हुए। स्लैब छूट का लाभ ग्रामीणों को देते हुए संशोधित बिल जारी किए जाएंगे। इस संबंध में निर्देश भी जारी हो गए हैं। इसके लिए उपभोक्ता को बिजली कार्यालय में आने की जरूरत भी नहीं है। स्लैब छूट के बाद बिल जारी किए जाएंगे ।

नारायणपुर के कार्यपालन यंत्री और कनिष्ठ यंत्री हटाए गए
मुख्यमंत्री बघेल के निर्देश पर नारायणपुर के कार्यपालन यंत्री और कनिष्ठ यंत्री को हटा दिया गया है। उनका ट्रांसफर अंबिकापुर किया गया है। जांच के दौरान पता चला था कि मीटर रीडिंग में स्पॉट बिलिंग के मामले में निर्देशों के पालन में लापरवाही बरती गई। इसके कारण ही ग्रामीणों ने भ्रम की स्थिति पैदा हुई।