पटना, बिहार के मुंगेर में मूर्ति विसर्जन की घटना को लेकर आज फिर बवाल हुआ है. गुस्साए लोगों ने पूरब सराय थाने में आग लगा दी है. स्थानीय मीडिया के मुताबिक, मूर्ति विसर्जन के दौरान हुई हिंसा के विरोध में आज सैकड़ों युवा सड़क पर उतर आए थे और पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे. यहां इन लोगों ने हंगामा किया.

इस बीच चुनाव आयोग ने मुंगेर के हालात को देखते हुए जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को हटाने का आदेश दिया है. इसके साथ ही पूरे मामले की जांच मगध के डिविजन कमिश्नर को दे दी गई है, जो सात दिन में अपनी रिपोर्ट सौपेंगे. नए डीएम और एसपी की तैनाती आज कर दी जाएगी.

एसपी ऑफिस का भी घेराव, तोड़फोड़ भी

शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, सैकड़ों की संख्या में युवाओं ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर प्रदर्शन किया. पुलिस कार्यालय के आगे लगे बोर्ड को भी उखाड़ फेंका गया. प्रदर्शन कर रहे युवा का हुजूम पूरब सराय थाने पहुंचा. थाने के सामने खड़ी गाड़ी को आग के हवाले कर दिया गया. इसके बाद मौके पर अतिरिक्त पुलिस फोर्स भेजा गया है.

दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान गोलीकांड के विरोध में चेंबर आफ कॉमर्स ने आज मुंगेर बाजार बंद बुलाया है. चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष कृष्ण कुमार अग्रवाल समेत कई पदाधिकारी बाजार में व्यवसायियों से दुकान बंद करने की अपील करते दिखे. इस वजह से अधिकतर दुकानें भी बंद हैं. फिलहाल, मुंगेर का माहौल तनावपूर्ण है और जगह-जगह पर पुलिस फोर्स की तैनाती की गई है.

डीएम बोले- किसी के भी आदेश पर नहीं चली गोली
गोलीकांड पर मुंगेर के डीएम का कहना है कि दीनदयाल चौक पर उपद्रव और फायरिंग की जो घटना हुई थी, उसके बाद हालात को नियंत्रित किया गया. निश्चित तौर पर यह मुंगेर के लोगों के कारण ही संभव हो पाया था कि शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न हुआ और इसके लिए मुंगेर की जनता निश्चित तौर पर धन्यवाद की पात्र है. 

मुंगेर के डीएम ने कहा कि कुछ असामाजिक तत्वों के द्वारा बहुत बड़ी साजिश रची गई थी और उसी साजिश के कारण यह घटना घटी है जिसका बहुत जल्द खुलासा हो जाएगा. मुफस्सिल थानाध्यक्ष और बासुदेवपुर ओपी अध्यक्ष को तत्काल प्रभाव से हटा कर लाइन हाजिर कर दिया गया है. लोगों से अपील है कि सभी लोग अपने घरों में रहें और शांति व्यवस्था बनाए रखें.

मुंगेर के डीएम ने कहा कि पुलिस पर फायरिंग का आरोप लगा है तो एक बात स्पष्ट तौर पर हम लोग कहना चाहते हैं कि किसी प्रकार के बल प्रयोग का कोई आदेश नहीं दिया गया था और पुलिस पर लगे आरोपों की जांच के लिए टीम गठित कर दी गई है. पुलिस के स्तर पर यदि कोई लापरवाही हुई है तो सजा इतनी कड़ी दी जाएगी, जिसे याद रखा जाएगा.