संघ प्रमुख ने कोरोना काल में VHP के काम की समीक्षा की, दो दिन के मंथन में पहले दिन की ये है रिपोर्ट


संघ प्रमुख ने कोरोना काल में VHP के काम की समीक्षा की, दो दिन के मंथन में पहले दिन की ये है रिपोर्टमध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार जाने के बाद बनी बीजेपी सरकार के बाद संघ प्रमुख मोहन भागवत की सक्रियता यहां बढ़ी हुई है
बैठक के दूसरे दिन यानी आज 18 सितंबर को संघ प्रमुख मोहन भागवत  कई और अहम मुद्दों पर भी चर्चा कर सकते हैं, जिसमें आने वाले उपचुनाव भी शामिल हैं

 


भोपाल. संघ प्रमुख मोहन भागवत दो दिन के दौरे पर भोपाल आए हैं. दौरे के पहले दिन गुरुवार को उन्होंने विश्व हिंदू परिषद की मध्य भारत प्रांत की बैठक ली. इसमें कोरोना (Corona) काल में किए गए विश्व हिंदू परिषद के सेवा कार्यो की रिपोर्ट ली और उसकी समीक्षा की.

बैठक के दौरान विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारियों ने बताया कि कोरोना काल में वीएचपी ने 150 सेवा स्थान बनाए थे इसमें 85062 लोगों को सूखा राशन और 257 जगहों पर सैनेटाइजर बांटा गया. कुल 1342612 लोगों तक मदद पहुंचाई गई.इसके अलावा 633024 भोजन के पैकेट, 42632 मास्क बांटे गए और 575 कोरोना योद्धाओं का सम्मान किया गया. इसी के साथ हेल्पलाइन भी जारी थी. उसके जरिए 11648 लोगों की मदद की गई. इस दौरान वीएचपी की ओर से 171985 अन्य सेवाएं भी जरूरतमंदों तक पहुंचाई गयी.

VHP पदाधिकारियों से चर्चा

संघ प्रमुख ने VHP के पदाधिकारियों से अलग अलग चर्चा की. बैठक के दूसरे दिन यानी आज 18 सितंबर को संघ प्रमुख मोहन भागवत वीएचपी के पदाधिकारियों के साथ कोरोना काल के बाद वीएचपी की भूमिका और उनके कार्यों पर चर्चा करेंगे. सूत्रों की मानें तो संघ प्रमुख मोहन भागवत बैठक के दौरान कई और अहम मुद्दों पर भी चर्चा कर सकते हैं, जिसमें आने वाले उपचुनाव भी शामिल हैं. कुछ दिन पहले ही बीजेपी के सह संगठन मंत्री के पद पर संघ के प्रचारक हितानंद को नियुक्त किया गया है. इसे बीजेपी संगठन में संघ के बढ़ते दखल के तौर पर भी देखा जा रहा है. ऐसे में संघ प्रमुख मोहन भागवत का एमपी में लगातार प्रवास भी सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है.

 


संघ प्रमुख की सक्रियता क्यों ?

मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार जाने के बाद बनी बीजेपी सरकार के बाद संघ प्रमुख मोहन भागवत की सक्रियता यहां बढ़ी हुई है. उनके लगातार भोपाल में दौरे हो रहे हैं और संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ चर्चा हो रही है. यहां तक कि कोरोना काल के दौरान भी संघ प्रमुख लगातार भोपाल दौरा करते रहे. उनकी इस सक्रियता को लेकर सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है. यह माना जा रहा है कि मध्य प्रदेश के आने वाले उपचुनाव संघ की प्राथमिकता में शामिल हो सकता है. हालांकि संघ के जानकार मानते हैं कि मध्य प्रदेश संघ का गढ़ है और कोरोना काल के बाद संघ की भूमिका कैसी और क्या होगी इस पर मंथन के लिए संघ प्रमुख को एमपी बेहतर जगह लगती है.