भोपाल. राम मंदिर भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल होने के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) का पहला भोपाल दौरा होने जा रहा है. संघ प्रमुख का 20 दिन के भीतर ही दूसरा भोपाल दौरा है. मोहन भागवत 2 दिन तक भोपाल (Bhopal) में रहेंगे और यहां संघ के सेवा कार्यों की समीक्षा करेंगे. साथ ही भविष्य के सेवा कार्यों की योजना पर भी चर्चा करेंगे. मोहन भागवत क्षेत्र के प्रमुख कार्यकर्ताओं के साथ व्यक्तिगत संवाद भी करेंगे तथा कोरोना संकट में स्वयंसेवकों द्वारा किये गए सेवा कार्यों की समीक्षा करेंगे. संघ प्रमुख की ये बैठक ठेंगडी भवन (Thongdi Bhawan) में मध्यभारत व मालवा प्रांत के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के साथ अलग- अलग सत्रों में होगी. इससे पहले मोहन भागवत 20 जुलाई को भोपाल आए थे. इस दौरान वो शारदा विहार (Sharda Vihar) में 5 दिन तक रहे थे जहां उन्होंने संघ के शीर्षस्थ प्रचारकों और कोर ग्रुप के सदस्यों के साथ मंथन किया था. उस बैठक में मोहन भागवत के साथ करीब डेढ़ दर्जन संघ के पदाधिकारी शामिल हुए थे. ये माना जा रहा है कि इस बार अपने दौरे में संघ प्रमुख कोरोना काल के बाद संघ के सेवा कार्य और गतिविधियों की योजना संघ स्वयंसेवको को बताएंगे और उन्हें निर्देशित करेंगे.

संघ का सेवा कार्य

कोरोना काल के दौरान मध्य भारत प्रांत में संघ, सेवा भारती व समाजसेवी संस्थाओं के सहयोग से व्यापक सेवा कार्य किये गए हैं. कोरोना संक्रमण के समय संघ के स्वयंसेवकों ने बढ़-चढ़ कर रक्तदान किया.  मध्यभारत प्रांत में मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति में 1173 स्वयंसेवकों ने लोगों का जीवन बचाने के लिये रक्तदान किया. इस दौरान संघ की ओर से डॉक्टर, नर्स, पुलिस, सफाई कर्मी एवं मीडियाकर्मियों की निस्वार्थ सेवा का स्वयंसेवकों ने जगह जगह सम्मान किया. मध्यभारत प्रान्त द्वारा पांच हज़ार से ज्यादा कोरोना वारियर्स का सम्मान किया गया. संघ की ओर से प्रवासी मजदूरों के लिए 69 सेवा कैंप लगाये जिनके जरिये लगभग 22 हजार श्रमिकों तक सहायता पहुंचाई गई. प्रवासी श्रमिकों के लिए भोजन एवं मेडिकल कैंप की व्यवस्था की गई थी.  श्रमिकों को उनके घर तक पहुंचाने के लिए स्वयंसेवकों ने वाहन की भी व्यवस्था की थी.

कहां कितनी सेवा ?

मध्यभारत प्रान्त में संघ की ओर से 2,044 स्थानों पर शिविर लगाये गए एवं 15072 स्वयंसेवक सेवा कार्यों में सक्रिय रहे. 1, 97,662 मास्क एवं 44124 सैनिटाइजर का वितरण किया गया. स्वयंसेवकों ने 11 लाख से ज्यादा भोजन के पैकेट एवं 1 लाख 50 हज़ार से ज्यादा सूखे राशन के पेकेट का वितरण किया, जिससे लगभग 13 लाख लोग तक मदद पहुंची.