• शिप्रा में बाढ़, उज्जैन में रामघाट पर सभी छोटे-बड़े मंदिर डूबे, नर्मदा का जलस्तर भी बढ़ा, डिंडौरी में बिलगड़ा बांध लबालब
  • महाकौशल और विंध्य में झमाझम बारिश के कारण शहरों से लेकर गांवों तक में भरा पानी, जबलपुर में 2 फ्लाइट का रूट डायवर्ट

भोपाल । बंगाल की खाड़ी में बने लो प्रेशर की वजह से मप्र के कई हिस्सों में बारिश हो रही है। उज्जैन के आसपास के इलाकों में रात भर तेज बारिश होने से शिप्रा नदी में बाढ़ आ गई। रामघाट पर सभी छोटे-बड़े मंदिर डूब गए। रात भर छोटा पुल डूबा रहा, सुबह के बाद बारिश थमने पर पुलिस से पानी उतरा। डिंडौरी में सिलगी और सिलहटी नदी को जोड़कर बने बिलगढ़ बांध से 14 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। बांध के 9 गेट में से 2 को 15-15 सेंटीमीटर खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है। नर्मदा का जलस्तर भी बढ़ा है। इसकी सहायक नदियां और नाले भी उफान पर हैं।
महाकौशल और विंध्य में झमाझम बारिश के कारण शहरों से लेकर गांवों तक में भरा पानी है। जबलपुर में 2 फ्लाइट का रूट डायवर्ट किया गया। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 24 घंटे तक इंदौर और भोपाल में बारिश का दौर जारी रहेगा, लेकिन इसके बाद हल्की बारिश होगी। हालांकि अगले 3 दिन तक ग्वालियर और रीवा संभागों में तेज बारिश रहेगी। मौसम वैज्ञानिक जेडी मिश्रा ने बताया कि प्रदेश के अन्य इलाकों में मानसून थोड़ा कमजोर होगा, लेकिन 27 जुलाई को बन रहे सिस्टम के कारण पानी गिरता रहेगा।


डिंडौरी में बिलगड़ा बांध के 2 गेट खोले गए
डिंडौरी में शुक्रवार की शाम से ही लगातार झमाझम बारिश का दौर जारी है। शनिवार को जिले के सबसे बड़े बिलगड़ा बांध के 2 गेट 15-15 सेंटीमीटर खोल दिया गया। बिलगांव मध्यम सिंचाई परियोजना के सब-इंजीनियर एसके चौधरी ने बताया कि पहाड़ी इलाकों में तेज बारिश के चलते गेट नंबर 5 और 6 को खोला गया है। उन्होंने बताया कि बांध में पानी का इनफ्लो बढ़ गया था। जिससे 14 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। डिंडौरी जिले के शहपुरा विकासखंड अंतर्गत सिलगी और सिलहटी नदी को जोड़कर बिलगढ़ा बांध बनाया गया है। जिससे किसानों के खेतों तक पानी पहुंच सके। जिला भू-अभिलेख कार्यालय से प्राप्त जानकारी के मुताबिक शहपुरा क्षेत्र में अब तक 316.2 मिमी वर्षा हो चुकी है। वहीं, जिले में 1 जून से अब तक सर्वाधिक 2501.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की जा चुकी है। इस दौरान औसत वर्षा 357.4 मिमी दर्ज की गई है।


नर्मदा सहित सहायक नदी-नाले उफान पर
जिले के पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही लगातार तेज बारिश से मध्यप्रदेश की जीवनदायिनी मां नर्मदा नदी सहित दूसरी सहायक नदी-नाले उफान पर हैं। यहां मां नर्मदा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।


अब सामान्य होने लगा कोटा
मप्र में करीब 22 दिन बाद सक्रिय हुए मानसून के कारण अब बारिश का कोटा सामान्य होने लगा है। हालांकि यह अब भी सामान्य से 16 प्रतिशत कम है, लेकिन मौसम विभाग इसे सामान्य बारिश मानता है। मप्र में 23 जुलाई तक 345 मिमी पानी गिर जाना था, लेकिन 290 मिमी पानी गिरा है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में अगर मानसूनी गतिविधियां इसी तरह सक्रिय रहीं, तो बारिश सामान्य से ज्यादा भी हो सकती है।


जबलपुर में दो फ्लाइट का रूट डायवर्ट किया
जबलपुर समेत आसपास के जिलों में पिछले 18 घंटों से रिमझिम बारिश का दौर जारी है। आसमान में छाए घने बादलों ने डुमना एयरपोर्ट की विजिबिलिटी (दृश्यता) इतनी कम कर दी कि दो फ्लाइट का रूट डायवर्ट करना पड़ा। दिल्ली-जबलपुर की इंडिगो फ्लाइट शनिवार सुबह निर्धारित समय 7.30 बजे पहुंची, लेकिन रनवे की विजिबिलिटी कम होने के चलते इसे लैंडिंग की अनुमति नहीं दी गई। बाद में इसे डायवर्ट कर सुबह 9.30 बजे बनारस में लैंडिंग कराई गई। इसी तरह, स्पाइस जेट की मुंबई से जबलपुर आने वाली फ्लाइट को लखनऊ डायवर्ट किया गया। दोनों फ्लाइट के डायवर्ट होने से एयरपोर्ट पहुंचे यात्री और फ्लाइट से आने वाले यात्रियों को रिसीव करने गए परिजन घंटों परेशान होते रहे।


पन्ना में आकाशीय बिजली गिरने से 5 की मौत, 18 घायल
पन्ना जिले में गरज-चमक के साथ हुई बारिश के साथ बिजली गिरने से अलग-अलग घटनाओं में 5 की मौत हो गई तो वहीं 18 घायल हो गए हैं। जिले के सलेहा थाना अंतर्गत पटना तमोली ग्राम पंचायत के उरेहा गांव में खेत में धान का रोपा लगाते समय अचानक आकाशीय बिजली गिरने से दो महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई जबकि 10 अन्य व्यक्ति झुलस कर घायल हो गए। मृतकों में लक्ष्मी पिता विकास कोल निवासी कोलगवा 28 वर्ष व काजल पता पिता राम नारायण गुप्ता निवासी कोलगवा शामिल है। आकाशीय बिजली गिरने की जानकारी मिलने पर थाना प्रभारी सलेहा दल बल के साथ तुरंत घटनास्थल पहुंचे और घायलों को प्राथमिक उपचार हेतु सलेहा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। वहीं मृतक महिलाओं के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। दूसरी घटना में पवई थाना अंतर्गत सिमरा ग्राम में आकाशीय बिजली गिरने से तेजीलाल पटेल 70 वर्ष की मौके पर मौत हो गई। आकाशीय बिजली गिरने की घटना उस समय घटित हुई जब तेजीलाल अपने खेत में भैंस चरा रहा था। आकाशीय बिजली की चपेट में आने से उसके एक भैंस के भी मौत हो गई। इसके अलावा पास के ही खेत में काम कर रहे किसान भरत लाल पटेल भी गंभीर रूप से घायल हो गया। वहीं पवई थाना अंतर्गत ही ग्राम पिपरिया दौन के सरपंच के बड़े भाई वेद नारायण पाठक पिता राम गोपाल पाठक की मौत हो गई तथा 6 लोग घायल हो गए जिसमें 2 महिलाओं की गंभीर हालत को देखते हुए जिला चिकित्सालय पन्ना रेफर किया गया। साथ ही ग्राम चौमुखा में एक 65 वर्षीय वृद्ध इक्तर आदिवासी की भी मौत आकाशीय बिजली की चपेट में आने से हो गई। पवई पुलिस ने अलग-अलग घटनाओं में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। मालूम हो कि बीते 3 दिनों से पन्ना जिले में मानसूनी बारिश का दौर शुरू हुआ है जिसके चलते यह उक्त घटनाएं घटित हो गई।