नई दिल्ली | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'ट्रांसपेरेंट टैक्सेशन- ईमानदारों के लिए सम्मान' प्लेटफॉर्म की शुरुआत की। सरकार ने टैक्स सिस्टम में सुधार और उसे सरल बनाने के लिए इसे लॉन्च किया है। पीएम मोदी ने कहा कि देश में चल रहे स्ट्रक्चरल रिफॉर्म्स का सिलसिला आज एक नए पड़ाव पर पहुंचा है। 21वीं सदी के टैक्स सिस्टम की इस नई व्यवस्था का आज लोकार्पण किया गया है। पीएम मोदी ने कहा कि ईमानदार टैक्सपेयर राष्ट्र निर्माण में बड़ी भूमिका निभाता है।

पीएम मोदी ने कहा, 'रिटर्न से लेकर रिफंड की व्यवस्था को पूरी तरह ऑनलाइन किया गया है। जो नया स्लैब सिस्टम आया है उसमें बेवजह के कागजों और दस्तावेजों को जुटाने से मुक्ति मिल गई है।' उन्होंने कहा कि प्रक्रियाओं की जटिलताओं के साथ-साथ देश में टैक्स भी कम किया गया है। पांच लाख रुपये की आय पर अब टैक्स जीरो है। बाकी स्लैब में भी टैक्स कम हुआ है। कॉर्पोरेट टैक्स के मामले में हम दुनिया में सबसे कम टैक्स लेने वाले देशों में से एक हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'आज से शुरू हो रहीं नई व्यवस्थाएं, नई सुविधाएं- मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को और मजबूत करती हैं। ये देशवासियों के जीवन से सरकार को, सरकार के दखल को कम करने की दिशा में भी एक बड़ा कदम है।'

उन्होंने कहा कि अब देश में माहौल बनता जा रहा है कि कर्तव्य भाव को सर्वोपरि रखते हुए ही सारे काम करने हैं। सवाल यह कि बदलाव आखिर कैसे आ रहा है? हमारे लिए रिफॉर्म का मतलब है, रिफॉर्म नीति आधारित हो, टुकड़ों में नहीं हो, एक रिफॉर्म, दूसरे रिफॉर्म का आधार बने और नए रिफॉर्म का रास्ता बनाए। ऐसा भी नहीं है कि एक बार रिफॉर्म करके रुक गए। ये निरंतर, सतत चलने वाली प्रक्रिया है। 

इससे पहले पीएम मोदी ने बुधवार को ट्वीट किया, 'बृहस्पतिवार, 13 अगस्त को पूर्वाह्न 11 बजे 'पारदर्शी कराधान - ईमानदार का सम्मान मंच की शुरुआत की जाएगी। यह हमारी कर प्रणाली में सुधार और उसे सरल बनाने के प्रयासों को और मजबूती देगा। यह कई ईमानदार करदाताओं के लिए फायदेमंद होगा जिनकी कड़ी मेहनत देश को आगे बढ़ने की शक्ति प्रदान करती है।'

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ट्विटर पर लिखा, 'वास्तव में, यह भारत के लिए सरल और पारदर्शी कराधान व्यवस्था उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।' बुधवार को जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार वीडियो कांफ्रेन्सिंग के जरिए आयोजित किए जा रहे इस कार्यक्रम में विभिन्न उद्योग मंडल, व्यापार संगठन, चार्टर्ड एकाउंटेंट संघ और जाने-माने करदाता शामिल हुए हैं।