जिस तरह से शहर में कोरोना पीड़ितों की संख्या में इजाफा हो रहा है, उससे यह साबित हो रहा है कि कहीं न कहीं हम कोरोना को नजरअंदाज कर रहे हैं। यदि अब भी बचाव के तरीके जैसे मास्क, सैनिटाइजर आदि का उपयोग करने लगे तो इस बीमारी को मात दे सकते हैं। सरकार अपने प्रयास कर रही है, लेकिन हमारी भी कुछ जिम्मेदारी बनती है। नईदुनिया के अभियान के बीच मास्क और सैनिटाइजर की उपयोगिता और अनदेखी पर शहर के धर्मगुरुओं ने भी आमजन से अपील की है कि मास्क दिनचर्या का हिस्सा बनाएं तो सभी सुरक्षित रहेंगे।

भारत में कोरोना का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए बनाए गए नियमों की धज्जियां भी उड़ाई जा रही हैं। जीवन बड़ा अनमोल है, उसे सुरक्षित रखना हमारी पहली जिममेदारी है। ऐसे समय में जब कोरोना महामारी घर के सामने दस्तक दे रहा है और हम उसके प्रभाव की अनदेखी करते जा रहे हैं। इससे बड़ी लापरवाही और क्या हो सकती है। मास्क लगाने से स्वयं के साथ दूसरों का भी बचाव होता है। इसलिए स्वयं मास्क लगाएं और दूसरों को भी कहें।

जरूरत हो तभी घर से बाहर निकलें। मसाजिद कमेटी आमजन से अपील करती है कि परिवार के बड़े-बुजुर्गों की जरूरतों को पूरा करें और उन्हें बाहर नहीं जाने दें। स्वयं मास्क लगाकर दूसरों को प्रेरित करें। मास्क दवा की तरह काम करता है। यह आधे फीट का कपड़ा ही है, जो आपकी जान बचा सकता है। उसे पहनने में लापरवाही न बरतें। स्वयं जागरुक बनकर दूसरों के सामने अपनी जागरुकता का परिचय दें।  

जिस तरह से कोरोना का संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है, वह सभी के लिए चिंताजनक है। इससे बचाव के लिए जीवन में थोड़ी सी आस मास्क से ही है। मास्क पहनेंगे तो हमें अस्पताल का मुंह नहीं देखना पडेगा। मास्क ही है जो कम खर्चे में इस जानलेवा बीमारी से आपके जीवन को सुरक्षित रखने में सक्षम है। मास्क लगाएं और प्रभु के गुण गाएं तो जीवन को नई दिशा मिलेगी।हरेक व्यक्ति जो सोच सकता है वह लोगों की भलाई के लिए मास्क और सैनिटाइजर का उपयोग अवश्य करे। कोरोना संक्रमण को तभी हम कम कर सकते हैं, जब हम उसके भयानक रूप का एहसास करेंगे। मैं सभी से दया पूर्वक आग्रह करता हूं कि जो भी प्रभु पर विश्वास करते हैं, वह कम से कम घर से बाहर निकलें। जरूरत पड़ने पर सरकार की गाइडलाइन का पालन करें। साथ ही प्रभु से भी स्वयं व दूसरों की खुशहाली के लिए प्रार्थना करें।