नई दिल्ली. चीन (China) में कोरोना वायरस (Corona Virus) से प्रभावित लोगों के लिए भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) का एक विमान लगभग 15 टन चिकित्सा सामग्री लेकर वुहान (Wuhan) पहुंचा. विदेश मंत्री एस जयशंकर (S Jaishankar) ने कहा कि इस ‘मुश्किल घड़ी’ में चीन के लोगों के प्रति भारत (India) की एकजुटता जाहिर करने के लिए राहत सामग्री की खेप भेजी गयी है. उन्होंने ट्वीट किया, "कोविड-19 के लिए भारतीय चिकित्सा राहत सामग्री की खेप वुहान पहुंच चुकी है. इस मुश्किल घड़ी में चीनी लोगों के साथ हम अपनी एकजुटता प्रदर्शित करते हैं. भारतीय वायु सेना और बीजिंग में भारतीय दूतावास का धन्यवाद."
चीन में नए मामलों की संख्या 78 हजार के पार पहुंची

चीन में कोरोना वायरस से मृतकों की संख्या 2,715 हो गयी है और पुष्ट मामलों की संख्या बढ़कर 78,064 हो चुकी है. सरकारी सूत्रों ने बताया कि सी-17 सैन्य विमान 80 से ज्यादा भारतीयों और पड़ोसी देशों के करीब 40 नागरिकों को लेकर लौटेगा. वायु सेना ने एक बयान में कहा कि वापसी में आने वाले अधिकतर यात्री भारतीय नागरिक और मित्र देशों के नागरिक होंगे. विमान के 27 फरवरी को तड़के पालम एयरफोर्स स्टेशन आने की उम्मीद है.

पिछले सप्ताह भारत ने आरोप लगाया था कि चीन विमान को भेजने की अनुमति देने से जानबूझकर मना कर रहा है जबकि दूसरे देशों को वुहान से अपने नागरिकों को ले जाने के लिए उड़ानें संचालित करने दे रहा है. चीन ने भारत के आरोपों को खारिज किया था.
भारत ने भेजी 15 टन चिकित्सा सामग्री

विदेश मंत्रालय ने कहा कि चिकित्सा आपूर्ति से कोरोना वायरस के प्रसार पर नियंत्रण के प्रयासों में चीन को मदद मिलेगी. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना वायरस के प्रसार को लोक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया है. मंत्रालय ने कहा कि विमान में 15 टन चिकित्सा सामग्री हैं, जिसमें मास्क, ग्लब्स और चिकित्सा से जुड़े अन्य सामान हैं.

विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, "चीन के लोगों के प्रति भारत के लोगों की एकजुटता और मित्रता के नाते आज सहायता भेजी गयी क्योंकि दोनों देश इस साल राजनयिक संबंध स्थापित होने की 70 वीं वर्षगांठ भी मना रहे हैं."

मंत्रालय ने कहा कि चीन में कोरोना वायरस के प्रसार के मद्देनजर मदद भेजी गयी है और मास्क तथा चिकित्सा उपकरण जैसी आपूर्ति के लिए अनुरोध मिला था.