मुंबई । भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने एचडीएफसी से कहा है कि वह बीमा सहायकों में अपनी हिस्सेदारी घटाकर 50 फीसदी या उससे भी कम करे। अभी एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस और एचडीएफसी अर्गो जनरल इंश्योरेंस में एचडीएफसी की बहुलांश हिस्सेदारी 50 फीसदी से ज्यादा है। एक्सचेंजों को भेजी सूचना में एचडीएफसी ने कहा है कि आरबीआई का निर्देश है कि एचडीएफसी अर्गो जनरल इंश्योरेंस संग एचडीएफसी अर्गो हेल्थ इंश्योरेंस के विलय के बाद विलय वाली इकाई में उसकी हिस्सेदारी इस विलय की तारीख के छह महीने के भीतर 50 फीसदी या उससे कम किया जाए। इसके अतिरिक्त उसे जीवन बीमा इकाई एचडीएफसी लाइफ में अपनी हिस्सेदारी 16 दिसंबर 2020 या उससे पहले घटाकर 50 फीसदी या उससे नीचे लाना है। एचडीएफसी के वाइस चेयरमैन और सीईओ केकी मिस्त्री ने कहा ‎कि हमें लगता है कि यह संदेश आरबीआई की उस राय के मुताबिक है जिसके तहत वह चाहता है कि एनबीएफसी के पास बीमा कंपनियों की हिस्सेदारी 50 फीसदी से ज्यादा न हो। इसलिए एचडीएफसी लाइफ में हमने 1.43 फीसदी हिस्सा घटाया है और एचडीएफसी अर्गो में हमें अपनी अपनी हिस्सेदारी सिर्फ 0.58 फीसदी घटानी होगी। उन्होंने कहा ‎कि एचडीएफसी लाइफ की हिस्सेदारी बेचने के लिए हमारे पास छह महीने हैं और एचडीएफसी अर्गो की हिस्सेदारी बेचने के लिए एचडीएफसी अर्गो हेल्थ व एचडीएफसी अर्गो के विलय की मंजूरी के बाद हमें छह महीने मिलेंगे, जिसके लिए हम एनसीएलटी की मंजूरी की प्रतीक्षा कर रहे हैं। ऐसे में हमारे पास पर्याप्त समय है।