नई दिल्ली | भारतीय रिजर्व बैंक डिजिटल मुद्रा पर काम कर रहा है, जो क्रिप्टोकरेंसी से अलग है। रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि हम तकनीकी क्रांति में पीछे नहीं रहना चाहते हैं। ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी के फायदों को पूंजीकृत करने की आवश्यकता है। उन्होंने क्रिप्टोकरेंसी को लेकर कुछ चिंताएं जताई हैं।

बॉम्बे चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के 185वें फाउंडेशन दिवस पर बोलते हुए शक्तिकांत दास ने कहा कि भारत सफलता की राह पर आगे बढ़ने की दहलीज पर खड़ा है। पेट्रोल के दाम में लागत बढ़ाने वाले कारक हैं, इस मामले में केन्द्र और राज्यों को मिलकर ईंधन के दाम में करों को कम करने के समन्वित कदम उठाने की जरूरत है।

रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि विनिर्माण क्षेत्र वृद्धि की गति में सुधार लाने का काम कर रहा है। देश का एमएसएमई क्षेत्र अर्थव्यवस्था की वृद्धि का इंजन बनकर आगे आया है। रकंपनियों को स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में अधिक निवेश करने की जरूरत है।  उन्होंने कहा कि क्रिप्टोकरेंसी को लेकर हमारी कुछ चिंतायें हैं। हम एमएफआई क्षेत्र के लिये अपने नियामकीय ढांचे को सुधारने पर काम कर रहे हैं।