बेंगलुरु । भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान रानी रामपाल ने इस पर खुशी जतायी है कि अब देश में महिला हॉकी को भी पुरुष हॉकी के समान ही सम्मान दिया जा रहा है।  रानी ने कहा कि इससे अंदाजा होता है कि अब खेल सही दिशा में आगे जा रहा है।  खेल रत्न से सम्मानित होने से उत्साहित रानी ने कहा, ‘मेरे करियर की शुरुआत से अब तक महिला हॉकी में काफी कुछ बदला है। जब मैंने खेलना शुरू किया था तब महिला हॉकी टीम बहुत कम टूर्नामेंट खेला करती थी। हम ज्यादातर कॉमनवेल्थ गेम और एशियन गेम्स जैसे बड़े टूर्नामेंट ही खेला करते थे पर अब ऐसा नहीं है।' उन्होंने कहा, ‘अब हॉकी इंडिया और प्रबंधन यह प्रयास करता है कि हम साल में अधिक से अधिक टूर्नामेंट खेलें। इसी कारण पिछले कुछ वर्षों में टीम का प्रदर्शन बेहतर हुआ है और इससे महिला हॉकी की लोकप्रियता भी बढ़ी है।' रानी प्रतिष्ठित खेल रत्न पुरस्कार पाने वाली पहली भारतीय महिला हॉकी खिलाड़ी हैं। वह हॉकी में धनराज पिल्लै और सरदार सिंह के बाद इस पुरस्कार को पाने वाली तीसरी खिलाड़ी बनी हैं। एक महिला खिलाड़ी को सर्वोच्च पुरस्कार दिया जाना निश्चित तौर पर यह दिखाता है कि खेल सही दिशा में आगे बढ़ रहा है।'