गाजियाबाद। शहर में रामलीला का नजारा एकदम अलग होगा। संजीवनी बूटी लाने के लिए हनुमानजी हवा में उड़ते नजर आएंगे। ब्रह्माजी और विष्णुजी जमीन के अंदर से निकलेंगे। यह सब ऐसा लगेगा जैसे असल में हो रहा है। ऑटोमैटिक मशीन और तकनीक से रामलीला में लीलाएं सजीव लगेंगी। तीन करोड़ रुपये की लागत से जीडीए द्वारा कविनगर के रामलीला मैदान में हाईटेक रामलीला मंच तैयार किया जा रहा है। दिसंबर तक मंच तैयार होने की उम्मीद है। अगले साल तक यह बन जाएगा और भव्य रामलीला का मंचन होगा।
कविनगर रामलीला मैदान में पुराने मंच को तोड़कर नया मंच बनाया जा रहा है। डिजिटल मंचन के लिए आगे का हिस्सा बिना पिलर के बन रहा है। जिससे दर्शकों को पूरा मंचन अच्छे से दिखाई दे सके। पहले यह 30 फुट का था। अब 70 फुट होगा। पात्रों के लिए मंच में कुछ हाइड्रोलिक मशीनें लगाई जाएंगी, जिससे हनुमानजी के संजीवनी लाने का प्रसंग हो या फिर ब्रह्मा और विष्णु भगवान के प्रकट होने का प्रसंग हो, सभी को हाईटेक तरीके से दर्शाया जा सके। रामलीला मंच दो मंजिल का बनेगा। इसमें नीचे बेसमेंट होगा, जिसमें मीटिंग हॉल सहित रामलीला के पात्रों के ठहरने के लिए कमरे बनाए जाएंगे। इसके साथ ही बेसमेंट में हाइड्रोलिक मशीनें लगाई जाएंगी।

बिना पिलर का मंच
कविनगर की रामलीला सबसे भव्य होती है। इसे देखने के लिए हजारों की संख्या में लोग आते हैं। डिजिटल और लाइट सिस्टम की बड़ी व्यवस्था की जाती है। दूर बैठे लोग भी देख सकें इसके लिए कई एलसीडी स्क्रीन लगाई जाती है। बिना पिलर के मंच तैयार किया जा रहा है। ताकि लोगों के देखने में परेशानी न हो।
दोगुना होगा मंच
पहले से दोगुना बड़ा मंच बनाया जा रहा है। अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस हो जाएगा रामलीला मैदान।
ललित जायसवाल, रामलीला समिति के अध्यक्ष
हाइड्रोलिक मशीन लगेगी
पुराना मंच कुछ जर्जर हो गया था, इसलिए हाईटेक मंचन के लिहाज से मंच तैयार किया जा रहा है। पहले हाथ से मशीनों को घुमाना पड़ता था, लेकिन अब हाइड्रोलिक मशीन केजरिए होगा। दो तीन महीने में निर्माण पूरा हो जाएगा।