नई दिल्ली। गुजरात में अब कांग्रेस के लिए राज्यसभा की दोनों सीटें जीतना आसान नहीं है। एक के बाद एक विधायक के इस्तीफे के बाद पार्टी रणनीतिकार यह मानने लगे हैं कि राज्यसभा की दूसरी सीट जीतना मुश्किल है। पार्टी को डर है कि राज्यसभा चुनाव में कुछ विधायकों के साथ एनसीपी और भारतीय ट्राइबल पार्टी भी साथ छोड़ सकते हैं।
राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने दो उम्मीदवार उतारे हैं। पर पार्टी विधायक जिस तरह सदस्यता से इस्तीफा दे रहे हैं, उनसे पार्टी का यकीन डगमगाने लगा है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि दो दिन में तीन विधायक इस्तीफा दे चुके हैं। अभी और कितने विधायक त्यागपत्र देंगे, इस बारे में कुछ नहीं कह सकते।
तीन विधायकों के इस्तीफे के बाद कांग्रेस के पास इस वक्त 65 विधायक हैं। इसके साथ एनसीपी व भारतीय ट्राइबल पार्टी और निर्दलीय उम्मीदवार जिग्नेश मेवाणी के समर्थन की उम्मीद हैं। पर कई नेता मानते हैं कि एनसीपी के समर्थन पर पूरा भरोसा नहीं किया जा सकता। क्योंकि, एनसीपी विधायक के खिलाफ कई मामले दर्ज हैं। वह सत्तापक्ष के खिलाफ जाने से परहेज करेगा।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अर्जुन मोढवाडिया ने कहा कि हम अपनी दोनों सीट जीतने की कोशिश करेंगे। चुनाव मुश्किल है, पर हमने अभी अपनी दूसरी सीट पर भाजपा को वॉकओवर नहीं दिया है। दरअसल, पार्टी ने राज्यसभा के लिए वरिष्ठ नेता शक्ति सिह गोहिल और भरत सिंह सोलंकी को चुनाव मैदान में उतारा है।
गुजरात प्रदेश कांग्रेस के एक नेता ने कहा कि राज्यसभा चुनाव 2017 की शक्ल लेता जा रहा है। इन चुनाव से भी पार्टी के कुछ विधायकों के इस्तीफा देने के बाद चुनाव दिलचस्प हो गया था। हालांकि, चुनाव प्रबंधन के जरिए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल चुनाव जीतने में कामयाब रहे थे। इस चुनाव में शक्ति सिह गोहिल उनके पोलिंग एजेंट थे और उन्हें ऐसे तकनीकी मुद्दे उठाए कि चुनाव देर रात तक टलता रहा और आखिरकार अहमद पटेल को विजयी घोषित किया गया था।