नई दिल्ली | किसानों के आंदोलन का आज 28वां दिन है, लेकिन अब तक कोई बात नहीं बनी है. सरकार अपने इरादे पर अडिग है तो किसान तीनों नए कानून वापस लेने की मांग पर डटे हैं. सरकार ने एक बार फिर से बातचीत का प्रस्ताव भेजा है, जिस पर किसान आज विचार करेंगे. वहीं देश के किसानों का दिल्ली कूच अभियान जारी है.
किसान दिवस के मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि किसान दिवस पर मैं देश के किसानों को शुभकामनाएं देता हूं. उन्होंने देश को खाद्य सुरक्षा प्रदान की है. कुछ किसान नए कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं. सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ उनसे बातचीत कर रही है. मुझे उम्मीद है कि वे जल्द ही अपना आंदोलन समाप्त करेंगे. 
उत्तर प्रदेश के पीलीभीत और मुरादाबाद में किसानों पर लाठीचार्ज से सिंघु बॉर्डर पर डटे किसान संगठन नाराज हैं. इस नाराजगी को जाहिर करने के लिए आज दोपहर 11 बजे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पूतला फूंका जाएगा. इसको लेकर किसान संगठनों की ओर से पूरी तैयारी कर ली गई है.पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जयंती पर किसान दिवस मनाया जाता है. आज किसान दिवस है. समाजवादी पार्टी ने आज उत्तर प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में किसानों के समर्थन में कार्यक्रम का ऐलान किया है. इस कार्यक्रम से पहले सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्विट करके कहा, 'चौधरी चरण सिंह जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन!  आज भाजपा के राज में देश के इतिहास में एक ऐसा ‘किसान दिवस’ आया है, जब उत्सव के स्थान पर देश का किसान सड़कों पर संघर्ष करने पर मजबूर है.  भाजपा किसानों का अपमान करना छोड़े क्योंकि ‘देश का किसान, भारत का है मान’.' 

दिल्ली पुलिस का कहना है कि सीमा पर लगातार प्रदर्शनकारी किसानों की संख्या बढ़ती जा रही है, लेकिन हालात तनाव में हैं. वही दूसरी ओर इस गतिरोध को दूर करने के लिए सरकार की कोशिशें जारी हैं. कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा है कि जल्द ही इस संकट का समाधान मिलने की उम्मीद है. मंगलवार को सिंघु बॉर्डर पर जमे किसानों ने पीएम नरेंद्र मोदी के नाम खून से चिट्ठी लिखकर कानून वापस लेने की मांग की. उधर, गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों ने मंगलवार को फिर से जाम लगा दिया. देर शाम पुलिस-प्रशासन से बातचीत के बाद एक सड़क खोली गई.

दिल्ली की सीमा पर डटे किसानों का आंदोलन 28वें दिन भी जारी है. आज किसान दिवस है. इस मौके पर किसान संगठनों ने प्रदर्शऩ तेज करने का ऐलान किया है. किसान संगठनों ने अपील की है कि आज के लिए देशवासी उनके समर्थन में एक वक्त का भोजन नहीं करें. इस बीच किसान दिल्ली की सीमा पर जमे किसान संगठन आज बैठक करने वाले हैं ताकि आगे की रणनीति पर एक राय बनाई जा सके और सरकार के बातचीत के ताजा न्यौते पर फैसला लिया जा सके. किसानों ने अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सरकार की घेरेबंदी की तैयारी भी शुरू कर दी है.