मुम्बई । भारतीय टेस्ट टीम के उपकप्तान अजिंक्य रहाणे का कहना है कि आत्मनिरीक्षण करने के कारण ही उनकी वापसी हुई है। रहाणे को विश्व कप के लिए टीम में शामिल नहीं किया गया था जबकि वह इंग्लैंड में काउंटी क्रिकेट खेल रहे थे। रहाणे का कहना है कि विश्व कप के लिए जगह नहीं मिलने पर वह निराश हो गया थे पर इससे उन्हें आत्मनिरीक्षण करने का अहसास हुआ। उन्हें महसूस हुआ कि सफलता का पीछा करना ही हमेशा सही नहीं रहता।
रहाणे ने कहा, ‘कभी-कभार हम सफलता का पीछा करने में इतने ज्यादा व्यस्त हो जाते हैं कि कहीं और देखते ही नहीं। वहीं जब विफलता मिलती है तब हमें लगता है कि हमें बैठकर आत्मनिरीक्षण करने की जरूरत है।
साउथम्पटन में हैम्पशर के लिए खेलते हुए दो महीने रहने के दौरान उन्होंने आत्मनिरीक्षण किया। इसके बाद वेस्ट इंडीज दौरे पर उन्होंने वापसी की और तीन साल में पहला टेस्ट शतक जड़ा। इसके बाद उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भी एक शतक लगाया।
रहाणे ने कहा, ‘इस समय मैं बहुत अच्छी स्थिति में हूं और यह वेस्ट इंडीज सीरीज से शुरू हुआ। मैं इंग्लैंड में था, काउंटी क्रिकेट खेल रहा था जिस दौरान मैंने सिर्फ क्रिकेटर के तौर पर नहीं बल्कि इंसान के तौर पर काफी कुछ सीखा है।’
उन्होंने कहा, ‘दो महीनों में मैंने 7 मैच खेले, इसलिए मैंने सिर्फ मैदान के अंदर की चीजें नहीं सीखीं बल्कि मैदान के बाहर की बातें भी सीखीं।
वेस्टइंडीज दौरे में खेलने से पहले रहाणे ने राहुल द्रविड़ से भी बातचीत की। इससे भी उन्हें सहायता मिली। द्रविड़ ने कहा कि मुझे अपनी बल्लेबाजी को बिलकुल आसान रखना चाहिए। एक बार में एक मैच के बारे में सोचो। सकारात्मक सोच रखो।
रहाणे ने अब तक करियर में 90 वनडे, 63 टेस्ट और 20 टी20 अंतरराष्ट्री मैच खेले हैं। उन्होंने वनडे में कुल 2962, टेस्ट में 43.74 की औसत से 4112 और टी20 में 375 रन बनाए हैं।