सिडनी । भारतीय क्रिकेट टीम के लिए ब्रिसबेन में पृथकवास की अवधि कम करने का बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली का अनुरोध खारिज हो सकता है। एक रिपोर्ट में इसकी जानकारी दी गई है। कोरोना के कारण खिलाड़ियों को मैदान पर उतरने से पहले दो सप्ताह पृथकवास में रहना होता है। क्वींसलैंड स्वास्थ्य अधिकारी क्रिकेट के सबसे ताकतवर देश को कड़े राष्ट्रीय प्रोटोकॉल से छूट नहीं देगा। इसके ब्यौरे के इंतजार में ही क्रिकेट आस्ट्रेलिया ने अभी तक श्रृंखला के संशोधित कार्यक्रम का ऐलान नहीं किया है। दरअसल भारतीय क्रिकेट बोर्ड चाहता है कि पृथकवास की अवधि कम हो और उसके खिलाड़ी होटल के कमरों में बंद रहने की बजाय जैव सुरक्षित माहौल में अभ्यास कर सके। गांगुली ने जुलाई में कहा था,हम उम्मीद करते हैं कि पृथकवास की अवधि कुछ कम की जाएगी। हम नहीं चाहते कि खिलाड़ी दो सप्ताह तक होटल के कमरों में ही बैठे रहे। यह काफी निराशाजनक होगा। रिपोर्ट में कहा गया कि भारतीय बोर्ड ने यूएई में दस नवंबर को आईपीएल फाइनल के बाद आस्ट्रेलिया दौरे पर खिलाड़ियों, कोचों, सहयोगी स्टाफ और परिवार के सदस्यों की सूची में विस्तार की अनुमति मांगी है। इस पर गौर किया जा रहा है। भारतीय टीम 23 से 25 खिलाड़ियों के साथ आस्ट्रेलिया जायेगी।टेस्ट विशेषज्ञ चेतेश्वर पुजारा और हनुमा विहारी, मुख्य कोच रवि शास्त्री के साथ सहयोगी स्टाफ दुबई में छह दिन पृथकवास पर रहेगा।