रायपुर : मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के निर्देशन में राज्य के सभी जिलों में कोरोना वायरस (कोविड-19) के रोकथाम तथा बचाव के लिए बनाए गए क्वारेंटीन सेंटर की अधिकारी सतत् निगरानी कर रहे हैं। क्वारेंटीन सेंटरों का निरीक्षण समागायुक्त, कलेक्टर एवं प्रशासन के मैदानी अधिकारी कर रहे हैं। रायपुर-दुर्ग संभाग के आयुक्त श्री जीआर चुरेन्द्र गुरूवार को देर शाम कबीरधाम जिले पहुंच कर कोरोना वायरस के रोकथाम, नियंत्रण और इसके संक्रमण के बचाव के उपायों की समीक्षा की। उन्होने जिला कार्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिले के कवर्धा, बोडला, पंडरिया और सहसपुर लोहारा अनुविभागीय अधिकारी, जनपद पंचायत के अधिकारियों, कृषि एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की संयुक्त बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होने कोरोनो वायरस के नियंत्रण व रोकथाम, मनरेगा के कार्यों, खाद-बीज के अग्रिम उठाव व भण्डारण, पोधा रोपण, तथा राजस्व विभाग के काम-काज की विस्तृत समीक्षा की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में कलेक्टर श्री रमेश कुमार शर्मा, वन मंडला अधिकारी श्री दिलराज प्रभाकर, जिला पंचायत सीईओ श्री विजय दयाराम के, अपर कलेक्टर श्री जेके धु्रव, अपर कलेक्टर श्री ओपी सिंह, एवं स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा विभाग के अधिकारी भी शामिल हुए।  

    संभाग आयुक्त श्री चुरेन्द्र ने कहा कि कोरोन वायरस एक राष्ट्रीय वैश्विक माहमारी है। इस संकट के दौर में प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के विशेष प्रयासों से राज्य के लाखों प्रवासी श्रमिक की सकुशल वापसी संभव हो सकी है। उन्होने कहा कि आने वाले श्रमिकों को क्वारेंटाईन पर ही रखे। श्रमिकों की स्वास्थ्य परीक्षण कराएं तथा सर्दी,खासी, बुखार वाले व्यक्तियों की अलग से स्क्रीनिंग कराते हुए ऐसे व्यक्तियों का अनिवार्य रूप से कोरोना जांच के लिए सैम्पल भेंजे। जब तक संबंधित क्वारेटाईन सेन्टरों  से भेजे गए सैम्पल की रिपोर्ट नहीं आ जाती तब तक 14 दिनों की अवधि पूरा करने वाले अन्य व्यक्तियों को भी क्वारेटाईन में रखे। प्रवासी श्रमिकों को किसी भी प्रकार की अनावश्यक परेशानी ना हो इसके विशेष ख्याल रखें और विशेष निगरानी भी रखी जाएं। क्वारेटाईन केन्द्रों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कठोरता से कराए।

      महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गांरटी के तहत वर्तमान में चल रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि कोरोना वायरस से उत्पन्न इस विकट परिस्थितियों में तथा इस संकट के दौर में ग्रमीण अर्थ व्यवस्था को मजबूत करने तथा ग्रामीण अर्थ व्यवस्था को पुर्नजीवित करने में मनरेगा योजना संजीवनी की तरह काम किया है। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत ग्राम सभा के अनुमोदन से अधिक से अधिक रोजगार मूलक कार्यों की स्वीकृति और ग्रामीण स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराए। उन्होने आगामी वर्षाकाल में जिले में होने वाले वृहद पौधारोपण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होने कहा कि जिले के मनरेगा के तहत जितने नवीन तालाब निर्माण, डबरी निर्माण तथा मिट्टी मुरूम सड़क कार्य किए गए है, वहां पर पौधारोपण किया जाए। उन्हांेने जिले के सभी आश्रम-छात्रावास,स्कूल तथा अन्य शाासकीय भवनों के आसपस खाली भूण्खडों पर भी पौधा रोपण करने के निर्देश दिए है। उन्होने गौठान तथा चारागाह के आसपास भी पोैधा रोपण के लिए कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए।

    संभाग आयुक्त श्री चुरेन्द्र ने राजस्व विभाग के काम-काम की समीक्षा करते हुए सभी अनुविभागीय अधिकारियों को नियमित रूप से फील्ड भ्रमण करने के निर्देश दिए। उन्होने राजस्व से संबंधित लंबित प्रकरणों का निराकरण करने के निर्देश दिए। राजस्व अधिकारियों को भूमि सीमांकन, बटांकन सहित अन्य कार्यों का समय पर करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने पंचायत स्तर पर सार्वजनिक उपयोग के स्थलों पर जहां स्थानीय व्यक्तियांें के द्वारा अतिक्रमण किया गया है, ऐसे स्थलांे को ग्रामसभा से प्रस्ताव पारित कराते हुए अतिक्रमण स्थलों को मुक्त करने के विशेष अभियान चलाने के भी निर्देश दिए है। उन्होंने अनुविभाग स्तर पर सप्ताहित समीक्षा बैठक कर राज्य शासन की जन कल्याणकारी योजनाओं, हितग्राहीमूलक योजाओं की समीक्षा करने तथा पात्र व्यक्तियों तक योजना का लाभ दिलाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।