बिलासपुर।नकली नोट छापकर बाजार में चलाने वाले सात आरोपितों को एनआइए की विशेष न्यायाधीश व जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुषमा सावंत ने सात साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। आरोपियों को जुर्माना भी ठोंका है। जुर्माने की राशि की अदायगी न करने पर एक-एक सश्रम कारावास की सजा अलग से भुगतनी पड़ेगी। मामले की सुनवाई के बाद विशेष न्यायालय ने यह भी व्यवस्था दी है कि आरोपित जेल में सजा काट रहे हैं उक्त अवधि को सजा में समायोजित की जाएगी। नकली नोट छापकर गिरोह के जरिए गांव के हाट बाजार व दुकानों में खपाने वाले मुख्य सरगमना गौतम टोडर फरार है।विशेष न्यायालय ने मुख्य आरोपित के खिलाफ स्थाई गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। पुलिस ने आरोपितों से दो लाख 80 हजार स्र्पये के नकली नोट की जब्ती बनाई थी। बाजारों में नकली नोट खपाने का सनसनीखेज मामला 27 जून 2018 का है। बसना थानांतर्गत ग्राम पिरदा बाजार में आरोपित मारुति वेन में नकली नोट लेकर आए थे और बाजार में खपाने की कोशिश कर रहे थे।पुलिस ने मुख्य आरोपित गौतम टोडर सहित अन्य लोगों को बाजार में नकली नोट खपाते रंगे हाथों पकड़ा था। तब से यह मामला एनआइए के विशेष कोर्ट में चल रहा था। तीन साल बाद विशेष कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया है।नकली नोट छापने और गिरोह के माध्यम से इसे गांव के हाट बाजार में खपाने वाले मास्टर माइंड व प्रमुख आरोपित गौतम अब भी पुलिस पकड़ से दूर है। आरोपित कृष्ण कुमार, चमरू, मनमोहन दास, रूपानंद, सुरेंद्र, कमल बरिहा और गोविंदा से काफी अधिक मात्रा में नकली नोट बरामद हुए हैं।