मथुरा । तीन महिने से वेतन न मिलने के कारण वृन्दावन शहर के सभी पंपिंग स्टेशन कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं। पंपिंग स्टेशन कर्मी की हड़ताल से बंद पंपिंग स्टेशनों की वजह से शहर का निस्सारित जल-मल बिना उपचार किए ही सीधे यमुना नदी में जा रहा है, जिससे प्रदूषण स्तर बढ़ने की आशंका है। पर्यावरण क्षेत्र के समाजसेवी महंत मधुमंगल शरण शुक्ला के अनुसार, ‘‘वृन्दावन में सीवेज पंपिंग स्टेशनों पर तैनात कर्मचारियों के तीन माह से उनका पारिश्रमिक न मिलने की वजह से हड़ताल पर जाने से शहर का गंदा पानी यमुना में प्रवाहित हो रहा है।’’ उन्होंने कहा कि, ‘शहर के छह पंपिग स्टेशनों से शहर का गंदा पानी पागल बाबा मंदिर के समीप सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट पर पहुंचाया जा रहा है। कई बार शिकायत करने पर भी सुनवाई न होने पर मजबूर होकर उन्हें पंपों को बंद कर हड़ताल पर बैठना पड़ा है।’ जल निगम की महाप्रबंधक मंजू रानी गुप्ता ने कहा कि, ‘कर्मचारी पीके कन्स्ट्रक्शन के अंर्तगर्त काम करते है जिन्हें निगम ने इस कार्य का ठेका दे रखा है। ऐसे में कर्मचारियों को पारिश्रमिक देने के लिए वहीं जिम्मेदार है। उसने कर्मचारियों को भुगतान न दिया तो, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।’ दूसरी ओर, कर्मचारी रोजाना निगम के वृन्दावन कार्यालय पर धरना एवं प्रदर्शन कर अपना आक्रोश व्यक्त कर रहे हैं।