नई दिल्ली। कांग्रेस में जल्द बड़ा फेरबदल हो सकता है। विधानसभा चुनाव में हार से बाद पार्टी कार्यकर्ताओं में नया जोश भरने के लिए कांग्रेस बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है। इस बदलाव के तहत कई प्रदेशों में अध्यक्ष, राज्यों के प्रभारी और उत्तराखंड व गुजरात में विधायक दल के नेता को बदलने की तैयारी है। पार्टी में फेरबदल की संभावनाओं के बीच वरिष्ठ नेता कमलनाथ ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा से मुलाकात की है। इस मुलाकात के बाद इन अटकलों को बल मिला है कि उन्हें पार्टी में कोई अहम पद दिया जा सकता है। उन्हें कार्यकारी अध्यक्ष या उपाध्यक्ष बनाया जा सकता है। कांग्रेस अध्यक्ष से कमलनाथ की मुलाकात के बारे में सवाल किए जाने पर पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि अभी तस्वीर साफ नहीं है। पर पार्टी कमलनाथ को कार्यकारी अध्यक्ष या उपाध्यक्ष बनाती है, तो उसका सीधा असर पंजाब विधानसभा चुनाव पर पड़ेगा। पंजाब में अगले साल चुनाव हैं। कमलनाथ पर 1984 के सिख विरोधी दंगो में शामिल होने के आरोप लगते रहे हैं। पार्टी ने 2016 में कमलनाथ को पंजाब का प्रभारी नियुक्त किया था, पर चुनाव से ठीक पहले पंजाब में विरोध के बाद उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था। बाद में उन्हें हरियाणा का प्रभारी बनाया गया था। दूसरी तरफ, कमलनाथ की गिनती कांग्रेस नेतृत्व के भरोसेमंद नेताओं में होती है। उनकी पार्टी में भी अच्छी पकड़ है और वरिष्ठ नेताओं के साथ भी अच्छे रिश्ते हैं। कांग्रेस अध्यक्ष को पत्र लिखने वाले असंतुष्ट नेताओं को मनाने में उनकी अहम भूमिका रही है। ऐसे में उन्हें अहम जिम्मेदारी मिल सकती है। कलनाथ की मुलाकात को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर की कांग्रेस नेतृत्व से बैठक के एक दिन बाद हुई है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि प्रशांत से साथ बैठक में कांग्रेस को पुनजीर्वित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई है।