हिसार। हिसार के अग्रोहा मेडिकल में करीब 30 वेंटिलेटर खराब पड़े हैं, वेंटिलेटर की कमी के कारण संक्रमित दम तोड़ रहे है। एक गर्भवती महिला ने सिविल अस्पताल में वेंटिलेटर खराब होने के चलते एक बच्चे को जन्म देने के दौरान दम तोड़ दिया। मामले में सिविल अस्पताल से डा रमेश पूनिया ने फेसबुक पर पोस्ट डाल कर सिस्टम पर सवाल उठाए, साथ ही अग्रोहा मेडिकल की डायरेक्टर से और आईएमए प्रधान से बात कर जो वेंटिलेटर निजी अस्पतालों में उपयोग में नहीं आ रहे, उन्हें कोरोना मरीजों के लिए अग्रोहा मेडिकल को उपलब्ध करवाने की मांग की। 
 अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में 70 के करीब वेंटीलेटर में से 30 के करीब बिजली की अव्यवस्था के कारण खराब हो चुके हैं। सोनू नाम की महिला जो गांव गिकाढ़ा भिवानी से संबंध रखती थी और शादी उसकी मालवास भिवानी में हुई थी। लगभग 8 महीने की गर्भवती थी। 10 तारीख को उसे कोरोना हो गया। दादरी सिविल हॉस्पिटल ने उसे अग्रोहा मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया। रास्ते में उनके रिश्तेदारों का फोन मेरे पास आया। जब वह अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में रात को पहुंचे तब डाक्टर गीतिका दुग्गल ने बताया कि उनके पास जगह नहीं है और इसकी डिलिवरी जल्दी करवानी पड़ेगी। स्वास्थ्य मंत्री के पीए दलबीर लायचा ने हिसार सीएमओ को फोन करके बोला इस महिला की प्रीमैच्योरडिलीवरी करवाइये। लेकिन उन्होंने उसे जनरल हॉस्पिटल के आइसोलेशन वार्ड में दाखिल करा दिया। इस दौरान उनका ऑक्सीजन लेवल लगातार गिरता रहा और फिर उनको वेंटिलेटर की जरूरत पड़ी और जब वेंटिलेटर पर लगाया तो वह वेंटिलेटर भी खराब हो गया। उसके बाद महिला को अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। जहां रात को उसकी प्रीमैच्योर डिलीवरी करवाई गई। इस दौरान उस महिला की मौत हो गई और उसकी बच्ची सकुशल है। मुझे बहुत पश्चाताप है क्योंकि मैं लगातार उस परिवार के संपर्क में था और मैं बच्ची की मां को बचा नहीं पाया। इन सब मौतों के लिए हमारी राजनीतिक व्यवस्था जिम्मेवार है क्योंकि सब कमान सत्तासीन नेताओं के हाथ में होती है। इसीलिए तो जो वेंटिलेटर पीएम केयर्स फंड से आए थे वो आज तक नहीं चले। 20 मई को प्रधानमंत्री हमारी उपायुक्त महोदया से सीधे संवाद करेंगे। उम्मीद करता हूं कि यह भी पूछ लेंगे कि जो मैंने वेंलिलेटर भिजवाए थे वह ठीक चल रहे हैं या नहीं। आने वाला समय ही बताएगा मेरे खिलाफ एक और इंक्वायरी शुरू होती है या ये वेंटिलेटर चलते हैं।