प्रयागराज. बाहुबली पूर्व सांसद धनंजय सिंह (Dhananjay Singh) की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. जौनपुर जिले के केराकत थाने में दर्ज गैंगस्टर के एक पुराने मामले में प्रयागराज (Prayagraj) की एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (MP-MLA Special Court) ने धनंजय सिंह सहित चार लोगों के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं. जिसके बाद नैनी जेल में बंद धनंजय सिंह की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं. वर्ष 2010 में जौनपुर के केराकत थाना क्षेत्र में डबल मर्डर हुआ था. जिसमें बाहुबली पूर्व सांसद धनंजय सिंह और उनके तीन करीबियों के नाम सामने आए थे. जिसके बाद वर्ष 2011 में धनंजय सिंह सहित चार लोगों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया गया था. जिसकी सुनवाई प्रयागराज की एमपी-एमएलए कोर्ट में चल रही थी.

मामले में नामजद अभियुक्त धनंजय सिंह ने शुक्रवार को वर्ष 2017 में जौनपुर के खुटहन थाने में दर्ज एक मामले में सरेंडर किया. जिसके बाद कोर्ट ने गैंगस्टर के मामले में भी सुनवाई करते हुए आरोप तय कर दिए हैं. इस दौरान तीन अन्य अभियुक्त भी कोर्ट में मौजूद थे. अभियोजन पक्ष को सुनने के बाद एमपी- एमएलए स्पेशल कोर्ट के जज आलोक कुमार श्रीवास्तव ने गैंगेस्टर के तहत दर्ज मुकदमें में आरोप तय कर दिए. जिसके बाद अब इस मुकदमे में गवाही की प्रक्रिया जल्द ही शुरू होगी.

मुकदमे की सुनवाई में आएगी तेजी 
माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में बाहुबली धनंजय सिंह की मुश्किलें और बढ़ेंगी. सरकारी वकील गुलाब चंद्र अग्रहरि के मुताबिक़ सरकार की मंशा है कि आपराधिक छवि के लोगों के खिलाफ दर्ज गंभीर मुकदमों में तेजी लायी जाए. उसी कड़ी में बाहुबली धनंजय सिंह पर दर्ज गैंगेस्टर के मुकदमें में भी अब तेजी आएगी. अभियोजन को सुनने के बाद कोर्ट ने धनंजय सिंह के आपराधिक इतिहास को देखते हुए उनके ऊपर दर्ज मुकदमें में आरोप तय किया है. अब जल्द ही इस मामले में गवाही शुरू होगी. जिससे धनंजय सिंह के जेल से जल्द बाहर आने में मुश्किलें आएंगी.


पुलिस  चकमा देकर किया था सरेंडर 
गौरतलब है कि लखनऊ में हुए पूर्व ब्लॉक प्रमुख अजीत सिंह हत्याकांड में धनंजय सिंह का नाम सामने आने के बाद से लगातार वह फरार चल रहा था. पुलिस ने धनंजय सिंह की गिरफ्तारी पर 25 हजार का इनाम भी घोषित किया था, उसके तमाम संभावित ठिकानों पर पुलिस की छापेमारी जारी थी. लेकिन शुक्रवार को रणनीति के तहत बाहुबली धनंजय सिंह यूपी पुलिस को चकमा देते हुए प्रयागराज की एमपी- एमएलए स्पेशल कोर्ट में वर्ष 2017 के मुकदमें में सरेंडर कर दिया। जिसके बाद कोर्ट ने धनंजय सिंह को न्यायिक अभिरक्षा में नैनी सेंट्रल जेल भेज दिया है.