नई दिल्ली । केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि बढ़ती जनसंख्या हमारे लिए एक चुनौती बन गई है। अगर हम विकसित राष्ट्रों के साथ खड़े होना चाहते हैं तो हमें जनसंख्या नियंत्रण कानून लाना होगा। एक सख्त अधिनियम जो इस देश में सभी के लिए लागू होगा, चाहे वे किसी भी धर्म का पालन करते हों। कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों ने अन्य स्वास्थ्य सेवाओं के साथ देश की आर्थिक व सामाजिक विकास की कई योजनाओं को बाधित किया है। इनके बीच देश की बढ़ती आबादी भी बड़ी चुनौती है। देश में बढ़ती आबादी और घटते संसाधन के मद्देनजर प्रभावी जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाने की मांग मार्च में राज्यसभा में उठी थी। तब भारतीय जनता पार्टी के हरनाथ सिंह यादव ने शून्यकाल के दौरान सदन में यह मांग करते हुये कहा था कि जनसंख्या विस्फोट के कारण संसाधनों पर दबाव बढ़ा है जिसके कारण न सिर्फ बेरोजगारी बढ़ी है बल्कि हर स्थान पर भीड़ ही भीड़ दिखती है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1951 में देश की आबादी 10 करोड़ 38 लाख थी जो वर्ष 2011 में बढ़कर 121 करोड़ के पार पहुंच गयी और वर्ष 2025 तक इसके बढ़कर 150 करोड़ के पार पहुंचने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि जनसंख्या गुनांक में बढ़ती है जबकि संसाधनों में बहुत कम बढोतरी होती है। उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसा जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाना चाहिए जो 'हम दो हमारे दो' पर आधारित हो और इसका पालन नहीं करने वालों को हर तरह की सुविधाओं से न सिर्फ वंचित किया जाना चाहिए बल्कि उन्हें किसी भी प्रकार के चुनाव लड़ने से भी रोका जाना चाहिए।