टोक्यो ओलिंपिक में 65 किलो वेट कैटगिरी में कुश्ती में मेडल जीतने वाले बजरंग पूनिया ने पाकिस्तानी खिलाड़ी अरशद नदीम के मुद्दे पर नीरज चोपड़ा का समर्थन किया है। पूनिया ने कहा कि नीरज के पाकिस्तानी खिलाड़ी अरशद को लेकर दिए गए बयान को मुद्दा बनाया जा रहा है। एथलीट स्टेडियम के अंदर एक-दूसरे के विरोधी होते हैं, लेकिन उसके बाहर वह भाई हैं। खेल हमें आपस में प्रेम करना और एकजुट रहना सिखाता है न कि हमें बांटने की सीख देता है। दरअसल नीरज ने एक इंटरव्यू में कहा था, 'मैं फाइनल की शुरुआत से पहले अपना भाला खोज रहा था, लेकिन तभी मैंने देखा कि पाकिस्तान के खिलाड़ी अरशद नदीम मेरे भाले के साथ घूम रहे हैं। मैंने अरशद से कहा कि भाई यह मेरा भाला है। मुझे दे दो ताकि मैं थ्रो कर सकूं।'

'नीरज के बयान के बाद पाकिस्तानी खिलाड़ी अरशद को लोग दोषी करार दे रहे थे

नीरज के इस बयान के बाद लोग पाकिस्तानी खिलाड़ी अरशद को बुरा-भला कहने लगे थे। उन्हें दोषी करार दे रहे थे और यह कहा जा रहा था कि अरशद ने जानबूझ कर नीरज का जेवलिन ले लिया था, ताकि नीरज मेडल नहीं जीत सकें।

सोशल मीडिया पर पोस्ट कर अरशद का किया था बचाव

सोशल मीडिया पर नीरज के बयान को गलत तरीके से सोशल मीडिया पर पेश किए जाने के बाद उन्होंने ट्वीट किया- "मेरी आप सभी से विनती है कि मेरे कमेंट्स को अपने गंदे एजेंडे को आगे बढ़ाने का माध्यम न बनाएं। खेल हम सबको एकजुट होकर साथ रहना सिखाता है और कमेंट करने से पहले खेल के रूल्स जानना जरूरी होता है।" नीरज ने ट्वीट में वीडियो भी शेयर किया है।
एक-दूसरे का सम्मान करते हैं दोनों एथलीट
नीरज और अरशद लंबे समय से एक-दूसरे के प्रतिद्वंद्वी रहे हैं, लेकिन वे एक-दूसरे का सम्मान करते हैं। 2018 एशियन गेम्स में भी दोनों आमने-सामने हुए थे। तब नीरज ने गोल्ड जीता था और अशरफ ने ब्रॉन्ज। टोक्यो ओलिंपिक में अरशद नदीम 5वें स्थान पर रहे थे।