बाराबंकी. माफिया डॉन मुख़्तार अंसारी (Mafia Don Mukhtar Ansari) को जिस बाराबंकी रजिस्ट्रेशन वाली एम्बुलेंस से पंजाब के मोहाली कोर्ट में पेश किया गया था, उसमें बाराबंकी पुलिस (Barabanki Police) ने कार्रवाई करते हुए मऊ के श्याम संजीवनी हॉस्पिटल की संचालिका डॉ अलका राय (Dr Alka Rai) और एसएन राय को गिरफ्तार किया है. दोनों को एसआईटी जांच के बाद फर्जी दस्तावज के जरिए एम्बुलेंस का पंजीकरण करवाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. दोनों को मंगलवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा. इस मामले में एक आरोपी राजनाथ यादव की गिरफ्तारी पहले हो हो चुकी है.

पुलिस अधीक्षक बाराबंकी यमुना प्रसाद ने बताया कि एसआईटी जांच के बाद यह गिरफ्तारी की गई है. डॉ. अलका राय पर फर्जी दस्तावेज के आधार पर एम्बुलेंस का पंजीकरण कराने का आरोप है. बता दें कि मामला सामने आने के बाद डॉ. अलका राय ने कहा था कि माफिया डॉन मुख़्तार ने जबरन उनसे कागजात पर हस्ताक्षर करवाए थे. अलका राय के बयान के आधार पर बाराबंकी पुलिस ने मुख़्तार के खिलाफ साजिश और जालसाजी का मुकदमा दर्ज किया। मुख़्तार को 120बी का आरोपी बनाया गया और मामले की जांच एसआईटी को सौंपी गई.

ये है मामला
दरअसल, जिस एंबुलेंस से मुख्तार अंसारी को मोहाली की कोर्ट में पेश किया गया था, उसपर बाराबंकी का नंबर पड़ा हुआ था. छानबीन करने पर पता चला कि इस एंबुलेंस का रजिस्ट्रेशन बाराबंकी में एक निजी अस्पताल के नाम से है. हालांकि, आज की तारीख में वह अस्पताल अस्तित्व में नहीं है और न ही वहां डॉ. अलका राय ही हैं, जिनका नाम एंबुलेंस की आरसी पर दर्ज है. इसके बाद जब पुलिस ने जांच शुरू की तो डॉ. अलका राय का पता मऊ जनपद में मिला.