नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मौरिसन ने अमेरिका पुलिस के द्वारा ऑस्ट्रेलिया के पत्रकार पर किए गए हमले पर जांच की मांग की है। 7 न्यूज के अमेरिका के संवाददाता अमिलिया ब्रेस और उनके सहयोगी कैमरामैन डिम मायर्स पर मंगलवार सुबह व्हाइट हाउस के पास हुए हिंसक प्रदर्शन की कवरेज के दौरान हमला किया गया। ये लोग लाइव कर रहे थे और ऑन एयर थे। मायर्स की छाती पर मारा गया जबकि ब्रेस पर पुलिस बैटन से हमला किया गया।

इस मामले पर अब ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री ने वॉशिंगटन में स्थित ऑस्ट्रेलियाई दूतावास से इस मामले में जांच करने का आग्रह किया है और साथ ही सरकार की चिंता से अवगत कराने के लिए भी कहा है।

विपक्ष के नेता एंथोनी एलबनीज ने भी घटना की निंदा की है और इसे पूर्ण रूप से अस्वीकार्य बताया है और समीक्षा की मांग की है। हिंसक प्रदर्शनकवर करने के बाद वापस लौटी ब्रेस ने अनुभव के बारे में बताया। उन्होंने चैनल पर बताया कि हम चिल्ला रहे थे कि हम मीडिया हैं पर उनकों कोई फर्क नहीं पड़। वो उस समय कुछ हिंसक भी हो गए थे और इस बात से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ रहा था कि वो किसे टार्गेट कर रहे हैं। ब्रेस ने मायर्स के प्रति धन्यवाद भी जताया क्योकि उसने ब्रेस को नुकसान पहुंचने से बचाया। उन्होंने कहा कि वह उसका आभारी हैं। वह एक अनुभवी कैमरामैन हैं और युद्ध क्षेत्रों में उन्होंने काम किया है। वह उसके साथ काम करने में सुखद महसूस करती हैं और वह उनको लीड कर रहे थे। उसने बहुत बढ़िया काम किया।

7 नेटवर्क के न्यूज और पब्लिक अफेयर्स के डायरेक्टर क्रैग मेक फर्सन ने कहा कि आज वाशिंगटन पर हमारे रिपोर्टर और कैमरामैन पर हमला एक हिंसक व्यवहार का उदाहरण है। यह बहुत ही घिनौना कृत्य है।

उल्लेखनीय है कि अमेरिका में पुलिस बर्बरता के चलते 46 साल के अश्वेत शख्स जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के बाद 25 मई से ही लगातार हिंसक प्रदर्शन जारी है। इसमें अश्वेतों के साथ श्वेत समुदाय भी विरोध में शामिल हो रहा है।