भारत और यूरोपीय संघ के बीच अगली शिखर बैठक 15 जुलाई को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से होगी। इसमें भारत की तरफ से पीएम नरेंद्र मोदी अगुवाई करेंगे। यूरोपीय संघ के अधिकारियों ने बताया कि शिखर सम्मेलन में साझा सिद्धांतों और कानून के शासन, स्वतंत्रता और लोकतंत्र के मूल्यों के आधार पर रणनीतिक संबंधों को मजबूत बनाने पर जोर दिया जाएगा। इस दौरान यूरोपीय संघ और भारत के लोगों को ठोस लाभ पहुंचाने पर जोर दिया जाएगा।

अधिकारियों ने कहा कि शिखर सम्मलेन के दौरान दोनों तरफ के नेताओं के बीच जलवायु, पर्यावरण, व्यापार और निवेश, डिजिटल अर्थव्यवस्था और कनेक्टिविटी के क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देने के तरीकों पर चर्चा होगी। इसके अलावा नेताओं के बीच प्रभावी बहुपक्षवाद को बढ़ावा देने और संयुक्त राष्ट्र (यूएन) और विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के साथ एक नियम आधारित बहुपक्षीय उद्देश्य को बढ़ावा देने के लिए अपने दृढ़ संकल्प को दोहराया जाएगा।