बेंगलुरु |  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज यानी गुरुवार को कर्नाटक के प्रमुख वार्षिक प्रौद्योगिकी सम्मेलन 'बेंगलुरु प्रौद्योगिकी शिखर बैठक-2020' का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये उद्घाटन किया। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि डिजिटल इंडिया भारत में जीने का तरीका बन चुका है। यह सम्मेलन 19 से 21 तक आयोजित किया जा रहा है। इस शिखर सम्मेलन का आयोजन कर्नाटक सरकार द्वारा कर्नाटक नवोन्मेषण एवं प्रौद्योगिकी सोसायटी और सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया के सहयोग से किया जा रहा है। कर्नाटक नवोन्मेषण एवं प्रौद्योगिकी सोसायटी राज्य सरकार की सूचना प्रौद्योगिकी, जैवप्रौद्योगिकी और स्टार्टअप पर विचार समूह है। 

वर्चुअली बेंगलुरु टेक समिट का उद्घाटन करने के बाद पीएम मोदी ने कहा कि हमने पांच साल पहले डिजिटल इंडिया मिशन की शुरुआत की थी। आज यह कहते हुए मुझे खुशी हो रही है कि डिजिटल इंडिया को एक सामान्य सरकारी कार्यक्रम के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। यह एक जीने का तरीका बन चुका है, खासकर गरीबों और हाशिए पर रहने वाले लोगों के लिए। 

पीएम मोदी ने कहा कि टेक्नोलॉजी के जरिए हमने इंसानों के सम्मान को बढ़ाया है। करोड़ों किसानों को 1 क्लिक में आर्थिक सहायता मिल गई। जब कोरोना लॉकडाउन चरम पर था, उस वक्त टेक्नॉलजी ने यह सुनिश्चित किया कि गरीबों को जल्दी और उचित मदद मिले। अगर दुनिया की सबसे बड़ी हेल्थकेयर योजना भारत सफलता पूर्वक चला रहा है, तो उसकी वजह टेक्नोलॉजी ही है। 

बीटीएस 2020 के केंद्र का दौरा करने के बाद उपमुख्यमंत्री तथा आईटी, बीटी और एसएंडटी मंत्री सी एन अश्वत नारायण ने कहा, ''हमने बीटीएस को सफल बनाने के लिए पर्याप्त प्रबंध किए हैं। यह आयोजन पूरी तरह वर्चुअल होगा। इस वर्चुअल आयोजन को ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन तथा स्विट्जरलैंड के उपराष्ट्रपति गाय परमेलिन भी संबोधित करेंगे। 

इस आयोजन के 23वें संस्करण में करीब 25 देश भाग ले रहे हैं। कार्यक्रम में 200 से ज्यादा भारतीय कंपनियां भाग ले रही हैं, जिन्होंने अपनी वर्चुअल प्रदर्शनी लगाई है। सम्मेलन में 4,000 से अधिक प्रतिनिधि, 270 वक्ता हिस्सा लेंगे। सम्मेलन के दौरान 75 परिचर्चा सत्रों का आयोजन होगा। प्रतिदिन इसमें 50,000 से अधिक भागीदार भाग लेंगे।