इस्लामाबाद । आतंकवाद के खात्मे को लेकर पाकिस्तान का क्या रुख है यह प्रधानमंत्री इमरान खान के देश की संसद में दिए बयान से साफ हो गया है। दुनियाभर में खूंखार आतंकी हमलों को अंजाम देने वाले अल-कायदा सरगना ओसामा बिन लादेन को इमरान खान ने 'शहीद' करार दिया है। खान ने यह बयान ऐसे समय में दिया है, जब पहले ही अंतरराष्ट्रीय मंच पर आतंकवाद के खिलाफ कोई कदम न उठाने और आतंकी संगठनों को पनाह देने का आरोप उस पर लग रहा है। इस्लामाबाद में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने अल-कायदा सरगना और खूंखार आतंकवादी ओसामाबिन लादेन को संसद में 'शहीद' करार दिया है। यही नहीं, खान ने यह भी कहा कि पाकिस्तान को आतंकवाद के खिलाफ जंग में अमेरिका का साथ नहीं देना चाहिए था। अमेरिका पर बरसते हुए खान ने कहा कि अमेरिकी फोर्सेज ने पाकिस्तान में घुसकर लादेन को 'शहीद' कर दिया और पाकिस्तान को बताया भी नहीं और इसके बाद पूरी दुनिया पाकिस्तान की ही बेइज्जती करने लगी।
खान ने कहा पाकिस्तान ने अमेरिका की आतंकवाद के खिलाफ जंग में अपने 70 हजार लोगों को खो दिया। खान ने कहा कि जो पाकिस्तान देश से बाहर थे, इस घटना की वजह से उन्हें जिल्लत का सामना करना पड़ा। 2010 के बाद पाकिस्तान में ड्रोन अटैक हुए और सरकार ने सिर्फ निंदा की। उन्होंने कहा जब अमेरिका के एडमिरल मलन से पूछा गया कि पाकिस्तान पर ड्रोन हमले क्यों किए जा रहे हैं, तो उन्होंने कहा कि सरकार की इजाजत से यह कार्रवाई की जा रही है।
ऐसा पहली बार नहीं है, जब इमरान खान ने ऐसा विवादित बयान दिया है। ओसामा को लेकर भी वह नरम रवैया अपनाते दिखे हैं। उन्होंने कई मौकों पर उसे आतंकी मानने से इनकार किया है। वह तालिबानी लड़ाकों को 'भाई' तक बता चुके हैं। पहले की सरकारों के दौरान वह ड्रोन हमलों की खुलकर निंदा कर चुके हैं और उनका कहना था कि अगर ड्रोन हमले बंद हो जाएं तो तालिबानी गतिविधियां भी बंद हो जाएंगी। खान का यह बयान ऐसे वक्त में आया है जब फाइनेशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) ने बुधवार को फैसला किया है कि पाकिस्तान को फिलहाल ग्रे लिस्ट में ही रखा जाएगा, क्योंकि वह लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे संगठनों को पहुंचने वाली फंडिंग पर नकेल नहीं कस पाया है।