जबलपुर। कोविड मरीजों की जान बचाने के लिये प्रशासन द्वारा किये जा रहे अच्छे काम में एक अवरोध आ गया हैं। प्लाज्मा दान करने वालें तैयार हैं लेकिन मेडीकल कॉलेज ने प्लाज्मा फेरेसिस किट नहीं होने की वजह से प्लाज्मा थैरेपी का काम रुक गया है। यहां बता दें कि प्लाज्मा थैरेपी से कई गंभीर मरीजों की जान बचाई जा चुकी है। फिलहाल मेडीकल के ब्लड बैंक में प्लाज्मा थैरेपी नहीं हो पाएगी, इसकी मुख्य वजह प्लाज्मा को तैयार करने वाली प्लाज्मा फेरेसिस किट का न होना है। जिससे कोविड मरीज व उनके परिजन बहुत परेशान हैं।
इस संबंध में सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार २५ सितम्बर शुक्रवार को मेडीकल के ब्लड बैंक में एक भी प्लाज्मा डोनेशन नहीं हो पा रहा है। जिसको लेकर कोरोना मरीजों के परिजनों ने बताया कि उनके पास डोनर तो हैं, लेकिन ब्लड बैंक में प्लाज्मा फेरेसिस किट के न होने से प्लाज्मा डोनेशन का कार्य नहीं हो पा रहा है। इस वजह से मरीज व उनके परिजनों को परेशान होना पड़ रहा है।
भेजी डिमांड १-२ दिन में आयेगी किट..........
इस संबंध में मेडीकल कॉलेज व अस्पताल के ब्लड बैंक प्रभारी डॉ शिशिर चिनपुरिया ने बताया कि प्लाज्मा फेरेसिस किट काफी महंगी होती है और उसे बाहर की एक कंपनी से बुलाया जाता हैं। इस संबंध में आवश्यक पत्राचार कर कंपनी को डिमांड भेज दी गई है। संभवत: आज या कल में किट आ जायेंगी। उसके बाद प्लाज्मा डोनेशन का कार्य पहले की तरह हो सकेगा, वहीं उन्होंने बताया कि ब्लड बैंक में विभिन्न ब्लड ग्रुप के प्लाज्मा डोनेट हुए रखे हुए हैं, जिससे किसी भी मरीज को प्लाज्मा की आवश्यकता होने पर उनको ब्लड बैंक में रखा हुआ प्लाज्मा दिया जा सकेगा, मरीजों को कोई तकलीफ नहीं होने दी जायेगी। गंभीर मरीजों को ब्लड बैंक में रखा प्लाज्मा दिया जा सकेगा। 
देश भर में किट की मांग से आई कमी........
जानकारों का कहना हैं कि अकेले जबलपुर ही नहीं देश के अन्य शहरों में भी कोविड के गंभीर मरीजों की जान बचाने के लिए प्लाज्मा थैरेपी का सहारा लिया जा रहा हैं। एकदम से डिमांड बढ़ने की वजह से प्लाज्मा फेरेसिस किट की कमी आ गई है, क्योंकि एकदम से सभी शहरों से किट की डिमांड कंपनी में पहुंच रही हैं। मांग के अनुरुप आपूर्ति करने में कंपनी को कई तरह की परेशानियां हो रही है, इसी वजह से किट की कमी आई हैं। जबतक किट नहीं आ पाती तब प्लाज्मा डोनेशन का काम तेजी से नहीं हो सकता। 
जल्द की जायेगी व्यवस्था.....
जिला कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने इस बारे में कहा कि प्लाज्मा फेरेसिस किट की कमी का मामला सामने आया हैं। इस पर संज्ञान लेकर सभी आवश्यक कार्रवाई मेडीकल प्रबंधन के स्तर पर कर ली गई है। जल्द ही किट उपलब्ध होगी और तत्काल प्रभाव से प्लाज्मा थैरेपी का कार्य प्रारंभ करवाया जाएगा, ताकि कोविड के मरीज व उनके परिजन और प्लाज्मा दान करने वाले लोग परेशान न हो सकें।