बेगूसराय । केंद्र और राज्य सरकार पर हमला बोलते हुए जेएनयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने कहा कि अभी के माहौल में परमिशन और कमीशन का जो खेल चल रहा है उसे जनता पूरी तरह देख रही है। केंद्र और राज्य सरकार पर हमला बोलते हुए कन्हैया कुमार ने कहा कि कोरोना काल में केंद्र सरकार के द्वारा बत्तियां बुझाई गई, थाली पीटवाये गए लेकिन उससे कोई हल नहीं निकलने वाला है। 
आम जनमानस को विकास चाहिए और यही सरकार का नारा भी होना चाहिए। दुष्यंत की कविता को दोहराते हुए कन्हैया कुमार ने कहा कि कैसे- कैसे मंजर सामने आने लगे हैं, गाते- गाते लोग चिल्लाने लगे हैं, अब तो इस तालाब का पानी बदल दो यारों, क्योंकि तालाब के कमल भी अब कुम्हलाने लगे हैं। दुष्यंत की कविता कहकर कन्हैया कुमार ने कहा कि बिहार में बदलाव की बयार है और इस बार बदलाव होकर रहेगा। साथ ही साथ कन्हैया कुमार ने कहा कि पूर्व में जिस तरह चुनाव नतीजों के बाद रिसोर्ट- रिसोर्ट का खेल खेला जाता है और विधायकों की खरीद-फरोख्त की जाती है वह किसी भी कीमत पर इस बार नहीं करने दी जाएगी और लोकतंत्र की रक्षा की जाएगी। जिले के खोदावंदपुर में राजद उम्मीदवार राजवंशी महतो के समर्थन में प्रचार करते हुए कन्हैया कुमार ने कहा कि इस बार आर-पार की लड़ाई है और यह चेहरे की लड़ाई नहीं बल्कि नीति और नियत की लड़ाई है। 
सीपीआई नेता ने कहा कि इस बार महागठबंधन के पांच सहयोगी पांडव सरकार को उखाड़ फेंकने में सक्षम है और जनता सरकार की दोहरी नीति को इस बार पूरी तरह सबक सिखाएगी। कन्हैया कुमार ने कहा कि इस कोरोना काल में बाहर रहने वाले मजदूरों को कितनी जिल्लत भरी जिंदगी जीनी पड़ी यह बिहार की जनता अभी तक नहीं भूली है। इस बार का चुनाव चुनाव नहीं बल्कि बिहार को बचाने का और अपना भविष्य संवारने का चुनाव है।